
नेपाल से चले भूकम्प में बहुत इन्सान मरे हैं। वे सभी हमारे भाई-बहन थे और उनके पीछे जितने लोग जि़न्दा बचे हैं, वे भी हमारे भाई-बहन ही हैं। हमारी मान्यताएं और हमारी परम्पराएं अलग हो सकते हैं लेकिन हमारे दुख-दर्द अलग नहीं होते। ऐसे समय में भी एक साहब मुसलमानों को बुरा भला कह रहे हैं और दूसरे बहुत से उनसे सहमत हो रहे हैं। ऐसी शिक्षा हिन्दू धर्म...