अरे भई साधो......: यह महंगाई तो सरकार प्रायोजित है

यह महंगाई तो सरकार प्रायोजित है



एक सोची समझी रणनीति का नतीजा

16 जुलाई को दैनिक जागरण के प्रथम पृष्ठ पर दो ख़बरों को टॉप बॉक्स बनाया गया था. पहली खबर थी-32 हज़ार में नैनो मकान और दूसरी खबर थी-720 रुपये में मिलेगा गैस सिलेंडर. पहली खबर बीपीएल के लिए थी और दूसरी एपीएल के लिए. एक को सौगात दूसे पर बोझ. दरअसल यही कांग्रेसनीत यूपीए सरकार का गुप्त एजेंडा है. वोटों का एक नया समीकरण बनाने का प्रयास. बांटों और राज्य करो की ब्रिटिशकालीन नीति का नया संस्करण. आजादी के बाद लंबे समय तक ब्रह्मण, हरिजन और मुसलमान के जातीय समीकरण के आधार पर सत्तासुख प्राप्त कार चुकी कांग्रेस इस वोट बैंक के खिसकने के बाद अब बीपीएल-एपीएल के आधार पर समाज को नए सिरे से विभाजित कर बीपीएल मतदाताओं का समर्थन पाने का ख्वाब देख रही है. उसके गणित के मुताबिक बीपीएल संख्या में ज्यादा हैं. वे साथ हो लें तो राजपाट सुरक्षित हो जायेगा. इसीलिए सरकार जानबूझकर सब्सीडी हटा रही है और महंगाई बढ़ा रही है. वह मान चुकी है कि एपीएल का वोट उसे चाहिए ही नहीं. इसीलिए महंगाई के खिलाफ आवाज़ उठने पर उसके नुमाइंदे पूरी बेशर्मी के साथ सीना ठोक कर कहते हैं कि महंगाई तो बढ़ेगी.
दरअसल कांग्रेस के अंदर मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने वाले अव्यावहारिक, भ्रष्ट और जनविरोधी लोगों की लंबी जमात है. ज़मीनी सच्चाई से उन्हें कुछ लेना-देना है ही नहीं. उनहोंने भारी मात्रा में कालाधन अर्जित कर रखा है और उसकी सुरक्षा के लिए सत्ता पर काबिज़ रहना जरूरी है. आचरण ऐसा नहीं कि जनता उत्साहित होकर समर्थन दे. तिकड़मों के जरिये सत्ता प्राप्त करने की रणनीति बनती रहती है. वातानुकूलित कमरे में बैठकर वोटों का गणित बनाया जाता है. अगर सूझबूझ नाम की कोई चीज होती तो हाल के चुनाओं के नतीजों से कयास लगा लेते कि जनता अब नेताओं की हर अदा को समझ लेती है और वक़्त आने पर उसका माकूल जवाब देती है. सरकार समाज के एक तबके को महंगाई के बोझ से त्रस्त तो कर सकती है लेकिन उसका प्रशासनिक तंत्र इतना भ्रष्ट और असंवेदनशील है कि दूसरे तबके तक राहत नहीं पहुंचा सकता. 32 हजार का नैनो मकान लेने के लिए कितने दलालों को कितनी भेंट चढ़ानी होगी इसे मकान हासिल करने वाले ही समझेंगे और उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं होगी. सत्ता में आने के बाद घोटालों की जो बाढ़ सी आ गयी और विदेशी बैंकों से कालेधन की वापसी की मांग पर लाठी-गोली की भाषा बोलने और सत्याग्रह को कुचल डालने की खुली धमकी को जनता नहीं समझती ऐसा सोचने वाले समय आने पर मुंह के बल गिरेंगे उन्हें इसका अहसास नहीं. भारतीय राजनीति में फिलहाल निहित स्वार्थों के लिए जनता के विरुद्ध इतना खतरनाक खेल खेला जा रहा है कि इसके नतीजे की कल्पना करने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. गैर जिम्मेराना बयान देने की तो कांग्रेसी नेताओं में होड़ सी लगी हुई है.

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सीखें ब्लॉग बनाना और उसे सजाना Hindi Blogging Guide (13)

जनाब सलीम ख़ान साहब का नाम हिंदी ब्लॉग जगत में ‘ब्लॉग प्रवर्तक‘ के रूप में जाना जाता है। उनके निजी और सामूहिक बहुत से ब्लॉग हैं जिनमें ‘हमारी अन्जुमन‘ अपना एक अलग मक़ाम रखता है। सलीम साहब का दिमाग़ नये विचार का भंडार है। हिंदी ब्लॉग जगत को उन्होंने बहुत सी चीज़ें पहली बार दी हैं। ब्लॉग बनाने और उसे सजाने के बारे में भी उन्हें महारत हासिल है। हमारी ख़ास इल्तेजा पर उन्होंने एक लेख ‘हिंदी ब्लॉगिंग गाइड‘ के लिए लिखा है। जिसे आज पेश किया जा रहा है। कभी भी आपको अपने ब्लॉग के संबंध कोई समस्या पेश आए तो आप बेझिझक उन्हें फ़ोन (09838659380) कर सकते हैं। आप उन्हें हमेशा अपना मददगार पाएंगे। 

पिछले दिनों उन्हें लखनऊ में ‘बेस्ट ब्लॉगर‘ के अवार्ड से नवाज़ा गया। इस मौक़े पर हम भी शरीक थे और हमें सलीम साहब से मिलने का मौक़ा भी मिला। हमने उन्हें शान्त, सौम्य और बड़ों को आदर देने वाला पाया। हिंदी ब्लॉगिंग के इतिहास में एक अमिट हस्ताक्षर हैं जनाब सलीम ख़ान साहब। पेश है उनका एक बेहद उपयोगी लेख । अगर आप ब्लॉगर.कॉम पर अपना ब्लॉग बना रहे हैं अथवा बना चुके हैं तो निम्नलिखित सुझाव व मदद आपके लिए मुफ़ीद सिद्ध होगी. तो आइये जाने सलीम ख़ान जी से कि ब्लॉगर.कॉम में मौजूद खूबियाँ व उसका प्रयोग 
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मैं ब्‍लॉगर की डिज़ाइन विशेषता का उपयोग किस प्रकार कर सकता/सकती हूं?
अपने डैशबोर्ड पर अपने ब्‍लॉग का नाम ढूंढें, और इसके पास "डिज़ाइन" लिंक क्‍लिक करें. यहां आप तत्वों को अन्य स्थान पर खींचकर और छोड़कर उन्हें अपने टेम्पलेट में उसी तरीके से व्यवस्थित कर सकते हैं, जैसा आप उन्हें प्रदर्शित करना चाहते हैं. अधिकांश टेम्‍पलेट में, आप नेविगेशन बार, ब्‍लॉग पोस्‍ट, और शीर्षलेख के अलावा सभी तत्‍व ले जा सकते हैं. यदि आप अपने ब्‍लॉग पृष्‍ठ या साइडबार पर गैजेट जोड़ना चाहते हैं, तो "गैजेट जोड़ें" पर क्‍लिक करें. इस क्रिया से एक पॉप-अप विंडो खुलती है जहां आप गैजेट ब्राउज़ कर सकते हैं, फिर उन्‍हें अपने ब्लॉग में जोड़कर और सहेज सकते हैं.


क्‍या मैं कोई ऐसा ब्‍लॉग बना सकता/सकती हूं, जिस पर एक से अधिक व्‍यक्‍ति पोस्‍ट कर सकें?
हां, इन्‍हें "टीम ब्‍लॉग" कहते हैं. मूल रूप से, प्रारंभ में एक व्‍यक्‍ति ब्‍लॉग बनाता है, फिर अन्‍य लोगों को उससे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है. टीम के सदस्‍यों में या तो व्‍यवस्‍थापक या नियमित रूप से पोस्‍ट करने वाले व्‍यक्‍ति हो सकते हैं. व्‍यवस्‍थापक सभी पोस्‍ट (केवल स्‍वयं का ही नहीं) संपादित कर सकते हैं, टीम के सदस्‍यों को जोड़ और निकाल सकते हैं (और व्‍यवस्‍थापकीय पहुंच प्रदान कर सकते हैं), और ब्‍लॉग सेटिंग संशोधित कर सकते हैं. गैर-व्‍यवस्‍थापक केवल ब्‍लॉग में पोस्‍ट कर सकते हैं.


लोगों को ब्‍लॉग से जुड़ने हेतु आमंत्रित करने के लिए, पहले सेटिंग | अनुमतियां टैब पर जाएं और "लेखक जोड़ें" क्‍लिक करें. इसके बाद, उन व्‍यक्‍तियों के ईमेल पते लिखें जिन्‍हें आप आमंत्रित कर रहे हैं; उन्‍हें जल्‍द ही आमंत्रण ईमेल प्राप्‍त होगा. Blogspot पर ब्‍लॉग लिखने के लिए आपको Google खाते की आवश्‍यकता है, इसलिए आप जिन लेखकों को आमंत्रित करना चाहते हैं यदि उनके पास पहले से Google खाता नहीं है, तो उन्‍हें एक खाता बनाने का संकेत दिया जाएगा. जब आप आमंत्रण भेजने के लिए तैयार हों, तो "आमंत्रित करें" क्‍लिक करें. नए टीम सदस्‍य के सफलतापूर्वक ब्‍लॉग से जुड़ने पर आपको एक ईमेल प्राप्‍त होगा.


मैं अपने पोस्‍ट कैसे लेबल करूं?
जब आप कोई पोस्‍ट लिखते हैं, तो आपको फ़ॉर्म के नीचे "इस पोस्‍ट के लिए लेबल" के रूप में चिह्नित एक स्‍थान दिखाई देगा. अल्पविराम से अलग करते हुए, अपनी पसंद के लेबल दर्ज करें. आप पहले उपयोग किए गए लेबल की सूची प्रदर्शित करने के लिए "सभी दिखाएं" लिंक भी क्‍लिक कर सकते हैं. लेबल जोड़ने के लिए बस उन पर क्‍लिक करें. जब आप अपना पोस्‍ट प्रकाशित करते हैं, तो लेबल नीचे दिखाई देंगे. किसी भी लेबल पर क्‍लिक करने से, आपको उस पृष्‍ठ पर ले जाया जाएगा जिसमें केवल उस लेबल वाले पोस्ट हैं. आप अपने ब्‍लॉग के साइडबार में वर्णक्रमानुसार या उपयोग की आवृत्ति के आधार पर अपने सभी लेबल की सूची भी जोड़ सकते हैं.


मैं अपने ब्‍लॉग में AdSense कैसे लगाऊं?
अपने ब्‍लॉग में AdSense लगाने के लिए, अपने डैशबोर्ड पर कमाई करें क्‍लिक करें. आप अपने विज्ञापनों का आकार चुन सकेंगे और फिर यह कस्‍टमाइज़ करें कि वे आपके ब्‍लॉग पर कैसे दिखाई दें.


साइट फ़ीड क्‍या है और मैं इसे अपने ब्‍लॉग के लिए कैसे सक्षम करूं?
किसी ब्‍लॉग के लिए साइट फ़ीड सेटिंग सक्षम करने से लेखक आसानी से विश्‍व भर में अपनी सामग्री सिंडिकेट कर सकते हैं. साइट फ़ीड सक्षम होने पर, पाठक फ़ीड को अपने पसंदीदा फ़ीड पाठक में जोड़कर उस ब्‍लॉग के नवीनतम अपडेट की सदस्‍यता ले सकते हैं. ब्‍लॉग लेखक के रूप में, आप यह निर्धारित कर सकते हैं कि कोई उद्धरण आपके पोस्‍ट की कुछ पंक्‍तियां, संपूर्ण पोस्‍ट, या केवल जंप ब्रेक तक की सामग्री होगी. आपके ब्‍लॉग पर डिफ़ॉल्ट रूप से साइट फ़ीड सक्षम होनी चाहिए, और इससे सभी ग्राहकों को संपूर्ण अपडेट मिलेंगे. यदि आपने इसे सक्षम नहीं किया है, तो सेटिंग | साइट फ़ीड टैब पर जाएं. यहां, आपके पास एक आसान विकल्प होगा, जिसमें आप यह चयन कर सकते हैं कि आप अपनी सामग्री का कितना भाग सिंडिकेट करना चाहते हैं. "कोई नहीं" विकल्प आपकी साइट फ़ीड को पूरी तरह बंद कर देता है.


ब्लॉगर मोबाइल कैसे काम करता है?
मोबाइल ब्लॉग प्रारंभ करने के लिए, केवल एक संदेश (जो फोटो, कुछ टेक्स्ट, या दोनों हो सकता है) go@blogger.com पर भेजें और हम आपके लिए एक ब्लॉग प्रारंभ कर देंगे. इसके बाद आपको अपने मोबाइल ब्लॉग के URL के साथ प्रत्युत्तर मिलेगा और एक टोकन (एक-बार उपयोग करने वाला पासकोड) प्राप्त होगा, जिसके द्वारा आप अपने नए ब्लॉग का दावा कर सकते हैं. अपने ब्लॉग का दावा करने के लिए, http://go.blogger.com में टोकन दर्ज करें. अपने मोबाइल ब्लॉग का दावा करने से आपको Blogger.com सेटिंग और विशेषताओं की पूर्ण पहुंच प्राप्त होगी, आप अपने ब्लॉग को किसी Google खाते से संबद्ध कर सकेंगे और अपने मोबाइल ब्लॉग का विलय किसी मौजूदा ब्लॉग में कर सकेंगे.


मेरे पोस्टिंग फ़ॉर्म पर शब्द सत्यापन (Word verification) क्यों होता है?
पोस्टिंग फ़ॉर्म पर शब्द सत्यापन सामान्यतः Blogspot पर स्पैम कम करने की प्रक्रिया के उद्देश्‍य के लिए है. इसके दो संभावित कारण हैं:

संभावित स्पैम

इस स्थिति में, एक स्वचालित सिस्टम कुछ संभावित स्पैम ब्लॉग में शब्द सत्यापन लागू करता है. हम वास्तविक ब्लॉग को गलत लेबल करने से बचने के लिए इस सिस्टम में सुधार के लिए लगातार काम कर रहे हैं. आपके पोस्टिंग फ़ॉर्म पर शब्द सत्यापन होना आपको प्रकाशन से नहीं रोकता है और यदि वह वास्तव में हमारी नीतियों का उल्लंघन नहीं करता है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि आपका ब्लॉग हटा दिया जाएगा या उसे दण्डित किया जाएगा. प्रकाशित करते समय असुविधाओं से बचने के लिए, अपने पोस्टिंग फ़ॉर्म पर शब्द सत्यापन के आगे दिए गए "?" आइकन क्लिक करें. यह आपको उस पृष्ठ पर ले जाएगा, जहां आप अपने ब्लॉग के लिए समीक्षा का अनुरोध कर सकते हैं. हम इसे किसी को यह जांच कर सत्यापित करने के लिए देंगे कि यह कोई स्पैम नहीं है और इसके बाद आपके ब्लॉग से शब्द सत्यापन की आवश्यकता को हटा देंगे.

उच्च पोस्टिंग दर

यदि आप एक ही दिन में बहुत सारे पोस्ट बनाते हैं, तो आपको इस बात पर ध्यान दिए बिना कि आपका ब्लॉग संभावित स्पैम जांच से गुज़र चुका है या नहीं, आपको प्रत्येक के लिए एक शब्द सत्यापन पूरा करना होगा. यदि ऐसा होता है, तो प्रत्येक पोस्ट के लिए केवल शब्द सत्यापन पूरा करें, या 24 घंटे तक प्रतीक्षा करें, जब तक शब्द सत्यापन स्वचालित रूप से निकाल दिया जाएगा. यह प्रतिबंध हमारे सर्वर पर लोड को नियंत्रित करने और स्पष्ट स्पैम से बचने के लिए लगाया गया है.


क्या मैं पोस्ट करते समय कीबोर्ड शॉर्टकट का उपयोग कर सकता/ सकती हूं?
हां, पोस्ट संपादित करते समय उपयोग करने के लिए ब्लॉगर में कई कीबोर्ड शॉर्टकट हैं. ये Google Chrome, Internet Explorer 8+, और Mozilla Firefox 3+ में निश्चित रूप से काम करते हैं और हो सकता है कि अन्य ब्राउज़र में भी काम करें. वे यहां दिए गए हैं:

  • control + b = बोल्ड
  • control + i = इटैलिक
  • control + l = ब्लॉककोट (केवल HTML-मोड में होने पर)
  • control + z = पूर्ववत करें
  • control + y = फिर से करें
  • control + shift + a = लिंक
  • control + shift + p = पूर्वावलोकन
  • control + d = ड्राफ़्ट के रूप में सहेजें
  • control + s = पोस्ट प्रकाशित करें
  • control + g = हिन्दी लिप्यंतरण

मैं लिप्यंतरण विशेषता का उपयोग किस प्रकार कर सकता/सकती हूं?
ब्लॉगर हिन्दी, यूनानी, रूसी और कुछ दूसरी भाषाओं में उपयोग किए जाने वाले रोमन वर्णों को गैर-रोमन वर्णों में बदलने के लिए एक स्वचालित लिप्यंतरण विकल्प प्रस्तुत करता है. यह विशेषता सक्षम करने के लिए, सेटिंग | मूलभूत पृष्ठ पर जाएं और लिप्यंतरण विकल्प के लिए "हां" का चयन करें. यह सेटिंग आपके खाते के सभी ब्लॉग को प्रभावित करेगी.


मैं ब्लॉगर के पोस्ट संपादक का उपयोग किस प्रकार कर सकता/सकती हूं?
ब्लॉगर के पोस्ट संपादक में तीन मोड होते हैं:

  • लिखें: WYSIWYG ("जैसा आप देखते हैं वैसा ही आपको मिलेगा") मोड जहां आप स्वरूपण बटन द्वारा टेक्स्ट में फेरबदल करते हैं.
  • HTML संपादित करें: एक अपरिष्कृत मोड जहां आप मैन्युअल रूप से HTML संपादित करते हैं.
  • पूर्वावलोकन: शीर्षक, लिंक और छवियों सहित पोस्ट का पूरा पूर्वावलोकन प्रस्तुत करता है.
इन मोड के बीच स्विच करने के लिए, केवल उपयुक्त लिंक क्लिक करें. प्रारूपण बटन केवल कुछ ब्राउज़र में ही उपलब्ध हैं.
विशेषताएं, बाएं-से-दाएं:
  • फ़ॉन्ट
  • फ़ॉन्ट आकार
  • बोल्ड
  • इटैलिक
  • फ़ॉन्‍ट का रंग
  • लिंक
  • बायां-संरेखण
  • मध्य
  • दायां-संरेखण
  • पूर्ण-संरेखण
  • क्रमित (क्रमांकित) सूची
  • अक्रमित (बुलेट) सूची
  • ब्लॉककोट
  • वर्तनी जांच
  • छवि अपलोड करें
  • चयन से प्रारूपण निकालें

मैं अपने ब्लॉग पर कस्टम डोमेन का उपयोग किस प्रकार कर सकता/सकती हूं?
यदि आपके ब्लॉग के पते में blogspot.com होने से आपको कोई फ़र्क नहीं पड़ता है, तो आप अपना स्वयं का डोमेन ले सकते हैं. हम आपकी सभी सामग्री पहले की तरह होस्ट करना जारी रखेंगे, लेकिन यह आपके नए पते पर प्रदर्शित होगी. इसे सेट करने के तीन घटक हैं:

आपका डोमेन

सबसे पहले आपको कोई डोमेन नाम जैसेकि www.mysite.com, चुनना होगा और उसे पंजीकृत करना होगा. आप विभिन्न पंजीयकों में से किसी के पास डोमेन नाम पंजीकृत कर सकते हैं.

DNS सेटिंग

इसके बाद, आपको अपने डोमेन को ghs.google.com से संबद्ध करके अपने डोमेन के लिए DNS के साथ CNAME रिकॉर्ड बनाना होगा. ऐसा करने की सही प्रक्रिया आपके डोमेन पंजीयक पर निर्भर करते हुए भिन्न होती है, इसलिए सीधे अपने पंजीयक से संपर्क करें और वे आपकी सहायता करेंगे. कृपया धैर्य रखें, क्योंकि हो सकता है कि नया DNS रिकॉर्ड अभी लागू नहीं हुआ हो.

ब्लॉगर सेटिंग

इस समय, जब लोग आपका ब्लॉग देखना चाहते हैं, तो उन्हें Google पर निर्देशित करने के बारे में DNS सर्वर को पता चल जाता है, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि Google आपके डोमेन से सही ब्लॉग को संबद्ध करे. आप ऐसा ब्लॉगर में अपने ब्लॉग के सेटिंग | प्रकाशन टैब पर करेंगे. यदि आप Blogspot पर प्रकाशित कर रहे हैं, तो आपको किसी कस्टम डोमेन में स्विच करने के लिए प्रस्तावित करते हुए शीर्ष के पास एक लिंक दिखाई देगा. आगे बढ़ें और उस लिंक पर क्लिक करें. Blogspot पता सेटिंग अब आपके डोमेन में बदल जाएगी. इस प्रक्रिया के प्रारंभ में आपके द्वारा पंजीकृत डोमेन लिखें, इसके बाद अपनी सेटिंग सहेजें.

ध्यान दें:

  • यदि आपका नया डोमेन आपको नए ब्लॉग पर नहीं ले जा रहा है, तो यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी DNS सर्वर अपडेट हो चुके हैं, एक या दो दिन और प्रतीक्षा करें. यदि यह अब भी काम नहीं कर रहा है, तो यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपने DNS सेटिंग ठीक से दर्ज की है, अपने पंजीयक से संपर्क करें.
  • आपका मूल Blogspot पता आपके नए डोमेन पर स्वचालित रूप से अग्रेषित हो जाएगा. इस प्रकार, आपकी साइट के मौजूदा लिंक या बुकमार्क अब भी काम करेंगे.
  • आप इस विशेषता का उपयोग डोमेन (उदा. www.mysite.com) या सबडोमेन (उदा. name.mysite.com) के साथ कर सकते हैं. हालांकि, आप उपनिर्देशिकाएं (उदा. mysite.com/blog/) या वाइल्डकार्ड (उदा. *.mysite.com) निर्दिष्ट नहीं कर सकते.

मैं अपने ब्लॉग के लिए कस्टम डोमेन नाम कहां से खरीद सकता/ सकती हूं?
सबसे आसान विधि सेटिंग | प्रकाशन टैब के माध्यम से हम से खरीदना है. हालांकि, ऐसी कई कंपनियां हैं जिनसे आप सामान्यतः बहुत ही कम उचित वार्षिक शुल्क पर डोमेन नाम खरीद सकते हैं. डोमेन पंजीयक के लिए Google खोज में बहुत से विकल्प मिलेंगे. आप इस सूची के माध्यम से भी खरीदी कर सकते हैं:
  • GoDaddy.com
  • ixwebhosting.com
  • 1and1.com
  • EveryDNS.net
  • Yahoo! Small Business
  • No-IP
  • DNS Park

मैं अपने ब्लॉग में प्रदर्शित दिनांक प्रारूप कैसे बदल सकता/ सकती हूं?
आप अपनी ब्लॉग सेटिंग संपादित करके पोस्ट और संग्रह दोनों लिंक का दिनांक प्रारूप बदल सकते हैं. सेटिंग | प्रारूपण पृष्ठ पर "दिनांक शीर्षलेख प्रारूप" और "अनुक्रमणिका दिनांक प्रारूप संग्रहीत करें" के लिए फ़ील्ड मौजूद हैं. दोनों फ़ील्ड में ड्रॉप-डाउन मेनू होते हैं जिनमें दिनांक प्रदर्शित करने के लिए प्रारूप विकल्प सूचीबद्ध होते हैं. दिनांक शीर्षलेख सामान्यतः आपकी पोस्ट के ऊपर होते हैं और संग्रह अनुक्रमणिका सामान्यतः आपके साइडबार में संग्रह लिंक की सूची होती है. जब आप कार्य समाप्त कर लें, तो पृष्ठ के निचले भाग में स्थित "सेटिंग सहेजें" क्लिक करें.


पोस्ट टेम्पलेट क्या होता है?
पोस्ट टेम्पलेट, पोस्ट संपादक को पूर्व-प्रारूपित करके उपयोगकर्ताओं का समय बचाने में सहायता करती हैं. कुछ उपयोगकर्ता उनके पोस्ट को विशिष्‍ट प्रकार से प्रारूपित करना चाहते हैं. उदाहरण के लिए, हो सकता है, कि कोई व्यक्ति किसी लेख की पहली पंक्ति से लिंक करना चाहे, इसके बाद नीचे उसका संदर्भ देना चाहे. इस स्थिति में, लिंक और ब्लॉककोट टैग सभी को पोस्ट टेम्पलेट में जोड़ा जा सकता है और वे प्रत्येक नई पोस्ट पर, पहले से ही तैयार प्रारूप में प्रदर्शित होंगे. सेटिंग | प्रारूपण के तहत स्थित पोस्ट टेम्पलेट में, केवल उस कोड या टेक्स्ट की प्रति बनाएं और चिपकाएं, जिसे आप प्रत्येक पोस्ट मे प्रदर्शित करना चाहते हैं.


बैकलिंक क्या होते हैं और मैं इनका उपयोग कैसे करूं?
बैकलिंक आपको वेब पर आपकी पोस्ट से लिंक किए गए अन्य पृष्ठों पर नज़र रखने में सक्षम बनाते हैं. उदाहरण के लिए, यदि आपका मित्र आपकी पोस्ट में से किसी एक से लिंक करता है, तो पोस्ट स्वचालित रूप से यह दर्शाएगा कि कोई अन्य उससे लिंक हुआ है, और वह आपके मित्र के टेक्स्ट का संक्षिप्त स्निपेट और आपके मित्र के पोस्ट का लिंक प्रदान करेगा. बैकलिंक सेटिंग सेटिंग | टिप्पणियां टैब, के तहत देखी जा सकती हैं और इसे चालू और बंद करने के लिए इसमें एक एकल, आसान विकल्प मौजूद होता है. यदि यह सक्षम है, तो आपको प्रत्येक पोस्ट के लिए टिप्पणी लिंक के पास "इस पोस्ट के लिंक" के रूप में चिह्नित एक लिंक दिखाई देगा.


शब्द सत्यापन विकल्प क्या है?
शब्द सत्यापन विकल्प आपके ब्लॉग के सेटिंग | टिप्पणियां टैब पर देखा जा सकता है. यदि आप इस सेटिंग के लिए "हां" चुनते हैं, तो आपके ब्लॉग पर टिप्पणियां देने वाले लोगों को वैसा ही एक शब्द सत्यापन चरण पूरा करने की आवश्यकता होगी, जैसा ब्लॉग बनाते समय आपको दिया गया था. इस विकल्प को सक्षम करने से यह आपके ब्लॉग पर टिप्पणियां जोड़ने के स्वचालित सिस्टम को रोकता है, क्योंकि कोई व्यक्ति ही शब्द पढ़ सकता है और इस चरण को पार कर सकता है. यदि आपको कभी ऐसी टिप्पणी मिलती है, जो विज्ञापन या असंबद्ध साइट के यादृच्छिक लिंक की तरह दिखाई देती है, तो वह टिप्पणी स्पैम है. यह सब स्वचालित रूप से उस सॉफ़्टवेयर द्वारा किया जाता है, जो शब्द सत्यापन पास नहीं कर सकता, इसलिए इस विकल्प को सक्षम करना कई अवांछित टिप्पणियों से बचने का एक अच्छा तरीका है.


क्या मैं अपने ब्लॉग के लेआउट का HTML संपादित कर सकता/ सकती हूं?
निसंदेह, केवल डिज़ाइन | HTML संपादित करें टैब पर जाएं. आपको अपने टेम्पलेट की एक प्रति अपनी हार्ड ड्राइव पर टेक्स्ट फ़ाइल के रूप में डाउनलोड करने का एक विकल्प दिखाई देगा. हम ऐसा करने की पुरज़ोर अनुशंसा करते हैं ताकि आप इसी फाइल को पुनः अपलोड कर आसानी से पहली वाली स्थिति पर वापस लौट सकें. इसके बाद आपके टेम्पलेट के लिए वास्तविक कोड आता है. आप देखेंगे कि यह कुछ नियमित HTML और CSS की तरह दिखाई देता है, लेकिन इसमें कई कस्टम टैग भी शामिल हैं, जो इसे हमारे खींचें-और-छोड़ें लेआउट संपादक और फ़ॉन्ट और रंग चयनकर्ता के संगत बनाते हैं.


"सूची" सेटिंग क्या करती है?
"अपना ब्लॉग हमारी सूची में जोड़ें?" सेटिंग निर्धारित करती है कि आपका ब्लॉग ब्लॉगर के विभिन्न चैनल के तहत प्रचारित किया जाएगा या नहीं. आपको यह सेटिंग सेटिंग | मूलभूत पृष्ठ पर मिल सकती है. यदि आपका ब्लॉग टेम्पलेट BlogMetaData टैग का उपयोग कर रहा है, तो इसे बंद करने का अर्थ यह भी हो सकता है कि आपका ब्लॉग खोज इंजन द्वारा क्रॉल नहीं किया जाएगा.
                                                                                 -सलीम ख़ान
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ब्लॉगिंग के लिए अच्छी वेबसाइट्स Hindi Blogging Guide (12)

भाई हकीम यूनुस ख़ान साहब एक नेकदिल नौजवान हैं। एक ब्लॉगर हैं जो कि पढ़ते ज़्यादा हैं और लिखते कम हैं। हमारे आग्रह पर उन्होंने यह लेख लिखा है नए ब्लॉगर्स के लिए। इस लेख के ज़रिए नए ब्लॉगर्स को ब्लॉगिंग के अच्छी साइट चुनने में आसानी रहेगी।
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ब्लॉगिंग की दुनिया में सबसे बड़े दो प्लेटफ़ॉर्म ये हैं
1- www.blogger.com
2- www.wordpress.com
इन दोनों ही साइट्स पर आप अपना ब्लॉग बना सकते हैं।
इनके अलावा और भी बहुत सी साइट्स हैं जहां आप अपना ब्लॉग बना सकते हैं। ओपेरा डॉट कॉम भी ब्लॉगिंग के लिए एक अच्छी वेबसाइट है।
3- http://my.opera.com/community/
आजकल कुछ समाचार पत्र भी ब्लॉगिंग के लिए स्पेस दे रहे हैं। इनमें से सबसे ज़्यादा लोकप्रिय है ‘जागरण जंक्शन‘। इस का यूआरएल है
4- http://jagranjunction.com/
इनमें से आप किसी भी वेबसाइट पर अपना ब्लॉग बना सकते हैं। इनके अलावा भी कुछ और वेबसाइट्स हैं, जिनकी जानकारी आपके लिए निम्न लिंक पर मौजूद है :
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आतंकवाद के ख़ात्मे का एकमात्र उपाय Aatankwad Free India

Photo : http://piyush.jainji.com/tag/13th-july-2011-serial-blasts-photos/
मुंबई में कल 13 जुलाई 2011 को हुए बम ब्लास्ट के संदर्भ में हमारे प्रिय प्रवीण जी यह सवाल पूछ रहे हैं कि
ये आतंकवादी दरअसल अमन के दुश्मन हैं। इनके कुछ आक़ा हैं, जिनके कुछ मक़सद हैं। ये लोकल भी हो सकते हैं और विदेशी भी। जो कोई भी हो लेकिन इनके केवल राजनीतिक उद्देश्य हैं। ये लोग चाहते हैं कि भारत के समुदाय एक दूसरे को शक की नज़र से देखें और एक दूसरे को इल्ज़ाम दें। कुछ तत्व नहीं चाहते कि जनता अपनी ग़रीबी और बर्बादी के असल गुनाहगारों को कभी जान पाए। जनता का ध्यान बंटाने और उन्हें बांटकर आपस में लड़ाने की साज़िश है यह किसी की। इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं, उन तक पहुंचना भी मुश्किल है और उन्हें खोद निकालना भी। कुछ जड़ों से तो लोग श्रृद्धा और समर्पण के रिश्ते से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में कोई क्या कार्रवाई करेगा ?

इस बार भी बस ग़रीब ही पिसेगा !
उसी का ख़ून पानी है वही बहेगा !!

दोस्तो ! आज लोगों ने दौलत को ही सब कुछ समझ लिया है। आज देश में ऐसे बहुत से लोग हैं जो कि दौलत की ख़ातिर कुछ भी कर सकते हैं। इनमें ग़रीबी से जूझते हुए लोग भी हैं और वे लोग भी हैं जिनकी तोंद पर हद से ज़्यादा चर्बी जमा है यानि कि ख़ूब खाते-पीते हैं। इन आतंकवादियों में नास्तिक भी हैं और धर्म की विकृत समझ रखने वाले आस्तिक भी। इन लोगों के दिलो-दिमाग़ का प्यूरिफ़िकेशन ज़रूरी है। हमारे लिए करने का काम यही है। जब तक यह काम नहीं किया जाएगा तब तक आतंकवाद का सिलसिला थमने वाला नहीं है। इसे सेना, पुलिस और क़ानून की मदद से रोकना मुश्किल है। विकसित देश तक इसके सामने लाचार हैं। आतंकवाद जीवन के सही बोध के अभाव से जन्म लेता है। जब तक मानव जाति को वह बोध उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, मानव जाति को आतंकवाद से मुक्ति मिलने वाली नहीं है। हमें गर्व और अफ़सोस से आज तक कुछ हासिल नहीं हुआ है। हमें अब वह काम करना होगा जिससे कि कुछ हासिल हो। हमें मानव जाति को उसके जीवन के सही उद्देश्य का बोध कराना होगा, उसे सही ग़लत की तमीज़ देनी होगी और ऐसे लोगों का बहुमत बनाना होगा। जब ऐसे लोगों का बहुमत हो जाएगा, दुष्ट लोग ख़ुद ही क्षीण हो जाएंगे और तब भी वे कुछ करेंगे तो उन्हें राजनैतिक संरक्षण देने वाला कोई न होगा। उनका विनाश निश्चित होगा, यह तय है।

इस विषय पर यह लेख भी आतंकवादियों के मददगारों की शिनाख्त में उपयोगी है :
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तौबा और नजात की रात है शबे बरात Shab E Barat

दरहक़ीक़त इंसान ख़ुदा का बंदा है लेकिन वह अपने रब का हुक्म न मानकर अपने मन के मुताबिक़ जी रहा है और जीवन में हर मोड़ पर ठोकरें खा रहा है। उसे दुख से मुक्ति देने के लिए उसका मालिक उसे बार बार अपनी ओर पलटकर आने के लिए पुकारता है। ‘रब की ओर पलटने‘ को ही अरबी भाषा में ‘तौबा‘ कहते हैं। जो भी आदमी अपने रब की तरफ़ पलटकर उससे कुछ मांगता है तो वह दुआ उसका रब ज़रूर पूरी करता है। शबे बरात की रात भी उन ख़ास अवसरों में से एक है जब मालिक अपने बंदों पर ख़ास रहमत करता है, उनकी दुआएं पूरी करता है और उन्हें दुख-दर्द और समस्याओं से मुक्ति देता है। किसी भी मत का आदमी हो, यदि वह अपने हालात से परेशान है तो वह इस ख़ास अवसर पर अपने मालिक की तरफ़ पलटे और दिल से प्रार्थना करे, उसे तुरंत ही लाभ होगा।
इस अवसर पर ‘अन्जुम नईम‘ साहब का एक लेख भी पेश ए खि़दमत है  :

रहमतों के महीने रमजान से पहले मगफेरत का महीना शाबान आता है, जिसे रसूल अकरम ने गुनाहों को मिटाने वाला महीना करार दिया है। इस शाबान के महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जिसमें अल्लाह अपने गुनहगार बन्दों की दुआओं को सुनता है और उन लोगों को जहन्नुम से निजात देता है। उस रात अल्लाह की रहमत जोश में होती है और वह पुकार-पुकार कर मगफेरत की चाहत रखने वालों को अपने हुजूर में तौबा करने की इजाजत देता है। और फिर उनकी दुआएं कुबूल करता है। फजीलत और बरकत वाली यह रात शबे बरात मुस्लिम कैलेंडर के आठवें महीने शाबान की चौदहवीं रात (तारीख) को मगरिब के वक्त शुरू होकर सुबह सूरज निकले तक जारी रहती है।

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शक और इल्ज़ाम से बचें नए ब्लॉगर Hindi Blogging Guide (11)

जनाब एस. एम. मासूम साहब ‘अमन का पैग़ाम‘ देते हैं, यह बात तो सभी जानते हैं लेकिन वह ब्लॉगिंग के लिए ज़मीनी सतह पर भी काम करते हैं, यह बात कम लोग जानते हैं। नए ब्लॉगर्स को ब्लॉगिंग सीखने में जो समस्याएं आती हैं, उनकी चर्चा जनाब देवेन्द्र गौतम जी कर चुके हैं। सीनियर
ब्लॉगर्स जब नए लोगों की हेल्प करते हैं तो उन्हें भी नए ब्लॉगर्स की तरफ़ से कुछ समस्याएं पेश आती हैं। आज की पोस्ट में हम इसी पर रौशनी डालना चाहेंगे।
इन समस्याओं में सबसे मुख्य समस्या है ‘एट्टीट्यूड प्रॉब्लम‘ और इसमें भी सबसे ज़्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि कुछ नए ब्लॉगर्स अपने सीनियर से बेवजह बदगुमान हो जाते हैं और उसे तरह तरह के इल्ज़ाम दे देते हैं। ऐसा ही एक वाक़या मासूम साहब के साथ पेश आया लेकिन शुक्र है कि नए ब्लॉगर ने उन्हें सिर्फ़ लालची ही समझा वर्ना उसकी जगह कोई महिला होती तो वह कुछ और भी इल्ज़ाम दे सकती थी। बहुत दुख होता है एक सीनियर ब्लॉगर को जब उसकी नीयत और उसके चरित्र पर वही उंगली उठा दे जिसे आगे जमाने और आगे बढ़ाने के लिए उसने अपना समय और अपनी ऊर्जा लगाई होती है। इससे सीनियर ब्लॉगर का दिल भी मुरझा सकता है और वह आइंदा नए ब्लॉगर पर अपना समय देने से बचना ही मुनासिब समझेगा जो कि हिंदी ब्लॉगिंग के लिए उचित नहीं होगा। अगर सीनियर की किसी बात से या उसके बर्ताव की वजह से किसी नए ब्लॉगर को कोई संशय है तो बेहतर यह है कि वह कोई बात कहने से पहले अपने सीनियर की उन सारी भलाईयों को याद करे जो कि उसने उसे आगे बढ़ाने के लिए की हैं और समग्र रूप से उनका एनालिसिस करे और अगर उसकी बात के एक से ज़्यादा अर्थ निकलते हों तो अच्छे अर्थ को ग्रहण करे और बुरे अर्थ को अपने मन में जगह न दे। इससे आपसी रिश्ते में दरार कभी न आएगी।
जनाब मासूम साहब का वाक़या भी हमें यही नसीहत देता है :

रहिमन इस संसार में भांति-भांति के लोग

 इस बार गर्मी की छुट्टीयों  मैं सोचा अपने वतन जौनपुर चला जाए और वहाँ के लोगों से संपर्क बढ़ाया जाए और ज़मीनी स्तर पे कुछ काम किया जाए. जौनपुर के लोगों ने मुझे बहुत ही प्यार दिया और मेरे विचारों का स्वागत भी किया. कई नए मित्र बने नए अच्छे लोग संपर्क मैं आये  ,जिनके बारे मैं जल्द ही लिखूंगा.

जैसे ही मैं इस बार जौनपुर पंहुचा हमारे एक मित्र जो मेरे ब्लॉग अमन का पैग़ाम को हमेशा पढ़ा करते थे मेरे पास आये  और बोले भाई हमारे एक मित्र  को भी ब्लॉग बनाना बता दें. मैंने स्वीकार कर लिया. ५-७ दिन तक  उनके मित्र को ब्लॉग बनाना सिखाया और कम से कम १५ दिन तक उनके मित्र महोदय ने समय-असमय मुझे फ़ोन कर के , जब जब उनके ब्लॉग पे कोई मुश्किल आती , कैसे उसे सही किया जाए पूछते रहे. वो सज्जन जब भी फ़ोन करते या मिलते तो बहुत खुश होते  और धन्यवाद कहते. उनका कहना था मैं वो पहला इंसान हूँ जिसने उनको दुनिया से जुड़ना सिखाया . मैंने भी उनको यू ट्यूब से ले कर ब्लॉगर तक सभी कुछ  सिखा   डाला जिस से कि अपना ब्लॉग वह ख़ुद चला सकें और दूसरों को भी सिखाएं . वो साहब बातचीत से  मुझे भी एक अच्छे  इंसान लगे.
जब मैं मुंबई आने लगा तो मैंने कह दिया कि वह अपना पासवर्ड बदल लें और उन्होंने वैसा ही किया और ख़ुशी ख़ुशी मुझे धन्यवाद के साथ विदा भी किया. मुंबई आने के बाद भी उनका बड़ा फ़ोन आता रहा , वह सभी से मेरी तारीफ़ भी करते रहे.
अभी ४-५ दिन पहले ब्लॉगर महाराज ने अपना खेल दिखाया, १-२ दिन तक लॉगिन नहीं हुआ, और हुआ भी तो किसे की नई पोस्ट ग़ायब, किसी कि टिप्पणी ग़ायब ,किसी को डैशबोर्ड की प्रॉब्लम. यह सब ३-४ दिनों तक चलता रहा . जिनको मैं ब्लॉगिंग सिखाकर  आया था वो भी परेशान, बार बार फ़ोन करते थे और मैं समझा देता था.
कल जब सब कुछ ठीक हो गया तो वो सज्जन बोले मासूम भाई लगता है आप ने ही कुछ ख़राब कर दिया था और मेरा ब्लॉग बंद करवा दिया था. मैंने कहा भाई यह आभासी दुनिया हैं, यहाँ ऐसा होता रहता है ख़ास तौर पे ब्लॉगर के साथ तो कुछ भी हो सकता है. मैंने उनको याद भी दिलाया कि इसी कारण से आप को आप को सिखाया था कि अपना ब्लॉग ब्लॉग कैसे सेव करें !
वो कहने लगे आप ने सिखाने  का पैसा नहीं लिया और शायद आप परेशान कर के अब पैसा लेना चाह रहे हैं. मैं सोंच रहा था 'क्या किसी को बिना पैसे ज्ञान बाँट देने कि यह सजा थी ?  या उनके शक का कारण उनकी ब्लागस्पाट  में  होने वाली गड़बड़ी  से अज्ञानता थी. या कुछ और…….
कारण कुछ भी रहा हो लेकिन मेरा यह अनुभव बहुत कि कड़वा अनुभव था जिसे भुला देने मैं समय लग सकता है. कुछ समय मन अशांत रहा लेकिन फिर याद आया कि अशांत बनाने वाली स्थितियों से निपटने का एक आसान उपाय है क्षमा करना.
                                                                               -एस. एम. मासूम  
                                                           चर्चाकार तेताला , बगीची , चर्चामंच 
                                        http://www.chitthajagat.info/ 
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भाजपा विधायक आशा सिन्हा की गाड़ी से 9 हत्यारोपी गिरफ्तार

पटना के दानापुर से भाजपा की विधायक आशा सिन्हा की स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार हत्या के नौ संदिग्ध आरोपियों के पकड़े जाने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक की मां का आरोप है कि विधायक ने ही उनके बेटे को मरवाया है जबकि विधायक ने खुद पर लगे आरोपों से इंकार किया है।
खगौल थाना क्षेत्र के गाड़ीखाना इलाके में हरीश पासवान की शनिवार को हत्या हुई थी। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान रविवार तड़के एक स्कॉर्पियो गाड़ी से नौ अपराधियों को धर दबोचा गया। स्कॉर्पियो पर विधानसभा का स्टीकर चिपका हुआ था और इसके सभी कागजात आशा सिन्हा के नाम से थे। इसे उनका निजी चालक वीरेंद्र कुमार चला रहा था। उधर, पासवान की मां उमा देवी ने अपने पहले के बयान से पलटते हुए रविवार को कहा कि विधायक ने ही हरीश की हत्या करवाई है। उनके अनुसार, वह हरीश को रंगदारी वसूलने और हत्या करने के लिए कहती थीं। लेकिन हरीश ने ऐसा करने से इंकार कर दिया, जिसके कारण विधायक ने उसकी हत्या करवा दी। वहीं, विधायक आशा सिन्हा ने खुद पर लगे आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि यह सब उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उनके अनुसार, वह हरीश को पहचानती भी नहीं हैं। उनका वाहन चालक शनिवार को उन्हें धोखे में रखकर गाड़ी ले गया था। उधर, दानापुर की सहायक पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने सोमवार को बताया कि हरीश की हत्या के मामले में प्राथमिकी शनिवार को ही दर्ज की जा चुकी है। विधायक पर लगे आरोपों तथा उनके वाहन से सम्बंधित मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हरीश की हत्या के मामले में पुलिस अब तक भाजपा के एक स्थानीय नेता मनोज केसरी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
Source : http://www.livehindustan.com/news/location/rajwarkhabre/article1-story-248-0-179958.html&locatiopnvalue=10
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खबरगंगा: झारखंड: विलुप्त हो चली हैं ये आदिम जनजातियां

झारखंड के अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आये 11 साल हो गए. इस बीच जितनी भी सरकारें बनीं उनमें मुख्यमंत्री का पद आदिवासियों के लिए अघोषित रूप से आरक्षित रखा गया. लेकिन सरकार की कृपादृष्टि उन्हीं जजतियों की और रही जो वोट बैंक बनने की हैसियत रखते थे. झारखंड की उन नौ आदिम जनजातियों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिनका अस्तित्व आज खतरे में है. उनकी जनसंख्या में ह्रास होता जा रहा है. मृत्यु दर में वृद्धि और जन्म दर में कमी के कारण ऐसा हो रहा है. भूख, कुपोषण और संक्रामक रोगों के कारण उनके यहां अकाल मौत के साये मंडराते रहते हैं. अशिक्षा, गरीबी और रोजगार के अवसरों का अभाव उनकी नियति बन चुकी है. वे आज भी जंगलों पहाड़ों के बीच पर्णकुटी बनाकर आदिम युग की मान्यताओं के बीच रह रहे हैं. भूत-प्रेत, ओझा-डायन बिसाही में अभी भी उनका गहरा विश्वास है. बीमार होने पर वे अस्पताल में नहीं बल्कि अपने इलाके के ओझा-सोखा की शरण में जाते हैं.
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Main aur Mera Idol


Navbharat Youth World Ne
12 Julye ke ank me Mujhe
Main aur Mera Idol
Ratan Tata ji ke saath Chuna hai.
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अरे भई साधो......: छठे तहखाने का रहस्यलोक

तिरुअनंतपूरम के पद्मनाभ स्वामी मंदिर के पांच तहखानों की दौलत आराम से निकल आई. परिसंपत्तियों की सूची भी बन गयी लेकिन जब छठे तहखाने को खोलने की बारी आई तो उसमें तिलस्मी इंतजामात की बात सामने आने लगी. कोलकाता के एक दैनिक अखबार ने 1930 में किसी दैनिक अखबार में प्रकाशित एमिली गिलक्रिस्ट हैच नामक लेखक के लेख का हवाला देते हुए एक दिलचस्प रिपोर्ट प्रकाशित की है. लेख के मुताबिक 1908 में कुछ लोगों ने छठे तहखाने का दरवाजा खोला तो उन्हें साँपों की फौज के साथ कई सिरों वाला किंग कोबरा नज़र आया. वे जान बचाकर भाग निकले. ऐसी किंवदंती है कि कई सिरों वाला और कांटेदार जिह्वा बाला एक विशाल किंग कोबरा सांप मंदिर के खजाने का रक्षक है.

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पासवर्ड की सुरक्षा के लिए सावधानियां Hindi Blogging Guide (10)

श्री महेश बारमाटे ‘माही‘
श्री महेश बारमाटे ‘माही‘ जी एक नौजवान ब्लॉगर हैं। बहुत कम समय में उन्होंने हिंदी ब्लॉग जगत में अपनी एक पहचान बना ली है। फ़ेसबुक, आरकुट और गूगल प्लस जैसी बहुत सी साइट्स पर सैकड़ों बुद्धिजीवी उनके मित्र हैं। सभी जगह उन्होंने ‘हिंदी ब्लॉगिंग गाइड‘ का ग्रुप बना रखा है और नए नए लोगों को हिंदी ब्लॉगिंग की ओर आकर्षित कर रहे हैं। नेट यूज़र्स को ‘हिंदी ब्लॉगिंग गाइड‘ से परिचित कराने के लिए जो कुछ वह कर रहे हैं, वह अतुलनीय है। हमारे प्रिय महेश बारमटे ‘माही‘ जी हिंदी ब्लॉगर्स को सुरक्षित पासवर्ड के लिए आज कुछ उपयोगी सुझाव दे रहे हैं!
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हाल ही में किये गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 79 % इन्टरनेट उपभोक्ता ऐसे पाए गए जो सुरक्षा की दृष्टी से बहुत ही खतरनाक पासवर्ड, जैसे कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी या कुछ सामान्य व सार्वजानिक शब्दों का उपयोग करते हैं. कुछ सामान्य पासवर्ड जो सामान्यतया हर बार उपयोग किये जाते हैं - 
  1. 123456
  2. 12345
  3. 123456789
  4. Password
  5. iloveyou
  6. princess
  7. rockyou
  8. 1234567
  9. 12345678
  10. abc123
  11. Nicole
  12. Daniel
  13. babygirl 
  14. monkey
  15. Jessica
  16. Lovely
  17. michael
  18. Ashley
  19. 654321
  20. Qwerty
कुछ प्रमुख तथ्य  - 
  1. करीब 4% इन्टरनेट उपभोक्ता "password" शब्द के अक्षरों में फेरबदल कर के अपने पासवर्ड के रूप में उपयोग करते हैं.
  2. शीर्ष २० खतरनाक पासवर्ड में से २५% पासवर्ड ऐसे होते हैं जो कि उपभोक्ता के प्रथम नाम (first name) होते हैं.
  3. सारे पासवर्ड का १६% हिस्सा वो होता है जिनमे इन्टरनेट उपभोक्ता किसी व्यक्ति विशेष का प्रथम नाम उपयोग करता है.
आपका पासवर्ड कितना लम्बा है ?
सामान्यतया पासवर्ड की लम्बाई 6 अक्षरों की ही रखी जाती है. यह लम्बाई सबसे अच्छी मानी जाती है किसी पासवर्ड के लिए.
आइये जानते हैं कि सारे विश्व में कितने प्रतिशत लोग कितने अक्षरों वाला पासवर्ड इस्तमाल करते हैं.
  • 13 अक्षरों वाला पासवर्ड - 1 % व्यक्ति इस्तमाल करते हैं.
  • 12 अक्षरों वाला पासवर्ड  - 2 % व्यक्ति इस्तमाल करते हैं.
  • 11 अक्षरों वाला पासवर्ड  - 4 % व्यक्ति इस्तमाल करते हैं.
  • 5 अक्षरों वाला पासवर्ड  - 4 % व्यक्ति इस्तमाल करते हैं.
  • 10 अक्षरों वाला पासवर्ड  - 9 % व्यक्ति इस्तमाल करते हैं.
  • 9 अक्षरों वाला पासवर्ड  - 12 % व्यक्ति इस्तमाल करते हैं.
  • 7 अक्षरों वाला पासवर्ड - 19 % व्यक्ति इस्तमाल करते हैं.
  • 8 अक्षरों वाला पासवर्ड  - 20 % व्यक्ति इस्तमाल करते हैं.
  • 6 अक्षरों वाला पासवर्ड - 26 % व्यक्ति इस्तमाल करते हैं.
सुरक्षित पासवर्ड के लिए जरूरी सुझाव :
  1. जितना हो सके हमेशा कम से कम १४ अक्षरों या उससे ज्यादा अक्षरों वाला पासवर्ड ही इस्तमाल करें और नहीं तो न्यूनतम ८ अक्षर का उपयोग जरूर करें.
  2. अक्षरों में भिन्नता का होना सबसे बेहतर उपाय है - जैसे कि अंग्रेजी के upper case (A,B,C...), lover case (a,b,c...), numbers (1234567890) तथा special characters (!@#$%^&*()_+":{|}][?></.,`~) इन सभी अक्षरों से मिला जुला कोई पासवर्ड सबसे बेहतर उपाय है.
  3. की - बोर्ड का पूरा इस्तमाल करें ना कि केवल उन अक्षरों का इन्हें आप सबसे ज्यादा इस्तमाल करते हैं. 
  4. हमेशा पासवर्ड बनाते वक्त पासवर्ड चैकर से अपना पासवर्ड जरूर जांचें. 
  5. अपना पासवर्ड ऐसा बनायें जो जल्दी से याद करने योग्य हो. जैसे कि आप अपने किसी पसंदीदा गाने, या नीति वाक्य के हर शब्द के पहले अक्षर का उपयोग कर सकते हैं और साथ ही साथ सुझाव नम्बर २ का उपयोग भी करें... और अपने पासवर्ड में नम्बर्स व स्पेशल कैरेक्टर्स का भी समावेश करें...
  6. उदाहरण के लिए - अगर आपका पसंदीदा नीति वाक्य Dream as if you'll live forever, live as if you'll die today.” है तो आप इसे अपने पासवर्ड के रूप में लिख सकते हैं - 
  • "DaIFulfla48IFuD2day*
किस तरह के पासवर्ड इस्तमाल ना करें - 
साइबर क्राइम करने वाले लोग आज कल नए तरह के सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं जिससे बहुत जल्दी ही किसी का भी पासवर्ड पता लगाया जा सकता है इसीलिए -
  • डिक्शनरी के शब्दों का चयन ना करें.
  • ऐसे शब्द जिनको पीछे से (उदाहरण के लिए - mahesh को hseham), सामान्य मिसस्पेल्लिंग (misspelling) या किसी प्रमुख संस्था वगैरह के छोटे रूप का नाम (short forms, abbreviations) का उपयोग ना करें.
  • अपनी व्यक्तिगत सूचना जैसे कि आपका नाम, जन्मदिन, मोबाइल नम्बर, स्कूल, कॉलेज का नाम इत्यादि का भी उपयोग ना करें. 
साभार - zoneAlarm.com, Microsoft.com, i.bnet.com, imperva.com
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इस विषय पर पहले प्रकाशित यह लेख भी आपके लिए फ़ायदेमंद है
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विश्व का अकेला संस्कृत भाषा का अखबार 42 साल का हुआ Sanskrit Language

मैसूर। एक ओर जहां अंग्रेजी व अन्य आधुनिक भारतीय भाषाओं के समाचार पत्र फल-फूल रहे हैं वहीं संस्कृत का दुनिया का अकेला समाचार पत्र 'सुधर्मा' अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। 'सुधर्मा' अगले सप्ताह अपने 42वें साल में प्रवेश कर रहा है।
मैसूर से प्रकाशित होने वाले इस समाचार पत्र के सम्पादक के वी सम्पत कुमार ने कहा कि कोई भी प्रादेशिक या केंद्रीय निकाय हमारी मदद के लिए आगे नहीं आया और निजी क्षेत्र के विभिन्न संगठनों का हाल भी अलग नहीं है। इस समाचार पत्र के 2,000 ग्राहक हैं।
जब उनसे पूछा गया कि वह बिना किसी मदद के एक 'मृत भाषा' में समाचार पत्र क्यों निकाल रहे हैं तो इस पर कुमार की पत्नी जयालक्ष्मी ने कहा कि कौन कहता है संस्कृत मर गई है। हर सुबह लोग श्लोकों का उच्चारण करते हैं, पूजा करते हैं, विवाह, बच्चे के जन्म और मृत्यु सहित सारे संस्कार संस्कृत में सम्पन्न होते हैं। संस्कृत की वजह से ही भारत एकजुट है। यह हमारी मातृभाषा है जो अपने में कई भाषाओं को समेटे है। इसका विकास हो रहा है और अब तो आईटी व्यवसायी भी कहते हैं कि यह भाषा उपयोगी है। जयालक्ष्मी हिंदी, तमिल, कन्नड़, अंग्रेजी व संस्कृत भाषाओं की जानकार हैं।
कुमार कहते हैं कि उनके पिता पंडित वरदराज आयंगर ने 15 जुलाई, 1970 को इस समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया था। उन्होंने बताया कि जब 1990 में उनकी मृत्यु हुई तो उससे पहले उन्होंने मुझसे वादा लिया था कि मैं किसी भी तरह से उनके मिशन को जारी रखूंगा। अब यह दैनिक एक मिशन की तरह उसी जुनून और समर्पण के साथ जारी है। मैं अपने आखिरी वक्त तक इसका प्रकाशन करता रहूंगा।
एक रुपये मूल्य में मिलने वाले इस समाचार पत्र में ज्यादातर लेख वेदों, योग, धर्म पर केंद्रित होते हैं। इसके साथ राजनीति, संस्कृति व अन्य विषयों पर भी लेख होते हैं।
कुमार और उनकी पत्नी ही इस समाचार पत्र के वितरकों व प्रकाशकों की भूमिका निभा रहे हैं।
कुमार बताते हैं कि आकाशवाणी पर संस्कृत में समाचारों का प्रसारण शुरू होने का श्रेय मेरे पिता को जाता है। उन्होंने ही सूचना और प्रसारण मंत्री आई के गुजराल को इसके लिए मनाया था।
शुरुआत में 'सुधर्मा' की छपाई हाथ से होती थी। बाद में आधुनिक कम्प्युटरीकृत मुद्रण तकनीक अपनाई गई। अब इसका एक ई-पेपर भी है, जिसके चलते अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहुंच है।
Source : http://www.24dunia.com/hindi-news/shownews/0/42-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%86-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%A4-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0/6129416.html
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मीडिया के सभी लोगों का साथ मिले

मीडिया के लोगों का साथ मिले


हिन्दी जर्नलिस्ट असोसिएन ने मुझे उत्तर प्रदे का संयोजक मनोनीत किया है। मैं कोशिश  करूंगा कि सभी मीडिया के लोगों का साथ मिले और हम अपने अधिकार को पा सकें।
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हिंदी लिखने का बिल्कुल आसान उपाय Hindi Blogging Guide (9)

यह एक लिंक है जिसे आप अपनी एड्रेस बार में पेस्ट करके Enter करने के बाद आराम से हिंदी से लिख सकते हैं, कहीं भी और कभी भी लेकिन आनलाइन. यह काम  बिल्कुल नया ब्लॉगर भी कर सकता है :
javascript:(t13nb=window.t13nb||function(l){var%20t=t13nb,d=document,o=d.body,c="createElement",a="appendChild",w="clientWidth",i=d[c]("span"),s=i.style,x=o[a](d[c]("script"));if(o){if(!t.l){t.l=x.id="t13ns";o[a](i).id="t13n";i.innerHTML="Loading%20Transliteration";s.cssText="z-index:99;font-size:18px;background:#FFF1A8;top:0";s.position=d.all?"absolute":"fixed";s.left=((o[w]-i[w])/2)+"px";x.src="http://t13n.googlecode.com/svn/trunk/blet/rt13n.js?l="+l}}else%20setTimeout(t,500)})('hi')

...और जो जानकारी रखते हैं वे बुकमार्क मैथड से हिंदी लिख सकते हैं . 
बुकमार्क कैसे करें ?
इसकी जानकारी के लिए आप निम्न लिंक पर जाएं :
http://www.hindi2tech.com/2011/06/blog-post_18.html
अब आप हिंदी में चैट भी कर सकते हैं।
है न मज़े का टूल ?
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कोंग्रेस का टार्गेट २०१३ अभियान शांति धारीवाल ने कोटा से शुरू किया

कोंग्रेस का टार्गेट २०१३ अभियान शांति धारीवाल ने कोटा से शुरू किया

हाडोती का एक ही लाल , शांति कुमार धारीवाल जिंदाबाद , अशोक गहलोत जिंदाबाद , सोनिया गाँधी जिंदाबाद , राहुल गाँधी जिंदाबाद के बीच आज कोटा जिला कोंग्रेस के ऐतिहासिक कार्यभार ग्रहण समारोह में राजस्थान सरकार के काबिना मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने वर्ष २०१३ में फिर से सत्ता में आने के लियें टार्गेट २०१३ का शुभारम्भ कर कार्यकर्ताओं इस कार्य के लियें जी जान से जुट जाने का आह्वान किया .......राजस्थान के काबिना मंत्री और कोटा जिला कोंग्रेस के तात्कालिक दिग्गज अध्यक्ष आज जिला कोंग्रेस कार्यालय में नव निर्वाचित अध्यक्ष पंडित गोविन्द शर्मा के कार्यभार ग्रहण समारोह में बोल रहे थे ..शांति धारीवाल जी ने कहा के विकास और भ्रष्टाचार मुक्त शासन केवल कोंग्रेस ही दे सकती है उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा के राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा सिंधिया ने कोटा में आकर आनन फानन में २४ कार्यों का शिलान्यास किया था आज उन कामों में से केवल दो ही काम हो पाए हैं ..जबकि जिन कार्यों का शिलान्यास एक ही दिन में किया गया था उनकी प्रशासनिक,तकनिकी और वित्तीय स्वीक्रति भी नहीं थी उन्होंने कहा के कोटा नगर विकास न्यास ने भाजपा शासन में सात सो करोड़ रूपये की ज़मीं बेचीं लेकिन उस रूपये का क्या करा आज तक कोई हिसाब नहीं है ..धारीवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा के कोंग्रेस की सोनिया जी किसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में थोड़ी भी खबर छपने पर उसे मुख्यमंत्री पद से हटा देती है ..मंत्री या कोई भी कोंग्रेस का सांसद भ्रष्टाचार में डूबा हो तो उसे जेल भिजवाने में भी पीछे नहीं रहती है लेकिन भाजपा जो पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबी है उसके मध्य प्रदेश और कर्नाटक के मुख्यमंत्री के खिलाफ भार्स्ताचार के प्रमाणित अपराध होने के बाद भी उन्हें नहीं हटाया गया है ..धारीवाल ने कहा के भ्रष्टाचारियों को बचाने के बाद भी भाजपा भ्रष्टाचार की बात करती है ..धारीवाल ने कहा के कोटा में ८५० करोड़ रूपये के कार्य हो रहे हैं तो इससे भाजपा को जलन हो रही है और वोह कोटा विकास नहीं देखना चाहती केवल रोड़े अटकाना चाहती है ..धारीवाल ने कहा के ऐसे में अब कार्यकर्ताओं की ज़िम्मेदारी आ जाती है के वोह कोंग्रेस के विकास कार्य जनता के सामने गिनाएं और बूथ स्तर पर कार्यकर्ता तय्यार कर कोंग्रेस को मजबूत करें उन्होंने कोंग्रेस के नव निर्वाचित अध्यक्ष को चेताया के उन्हें बनवाने में मेरा कोई हाथ नहीं है कोंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष , सी पि जोशी और अशोक जी गहलोत की कोशिश है और उन्हें उनके प्रति कोंग्रेस के प्रति कार्यकर्ताओं के प्रति जवाबदार बनना होगा .धारीवाल ने कार्यकर्ताओं से कहा के अगर कार्यकर्ताओं को फिर से मान सम्मान प्रतिष्ठा चाहिए तो वोह आज से ही कोंग्रेस की स्थिति मजबूत करने में जुट जाए और भाजपा की काली करतूतों को जनता के सामने लायें ...........धारीवाल ने कोंग्रेस के पदाधिकारियों से समाज  सेवा कार्य करने के लियें कहा .....आज कोटा जिला कोंग्रेस में पहली बार ऐतिहासिक कार्यक्रम में हजारों कार्यकर्ता उपस्थित थे और कोटा कोंग्रेस कार्यालय कार्यकर्ताओं की भीड़ के आगे छोटा पढ़ गया था .कार्यक्रम में प्रदेश कोंग्रेस प्रवक्ता पंकज मेहता , नव निर्वाचित शहर कोंग्रेस अध्यक्ष गोविन्द जी शर्मा , देहात कोंग्रेस अध्यक्ष श्रीमती रुकमनी शर्मा ,  आनंद पाटनी  ,शिवकांत नंदवाना ,,ललित जी चित्तोड़ा..डोक्टर ज़फर ,नरेश जी विजय वर्गीय सहित पूर्व कोंग्रेस अध्यक्ष और कई पदाधिकारी मोजूद थे ........अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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गर्मियों की छुट्टियां

अनवर भाई आपकी गर्मियों की छुट्टियों की दास्तान पढ़ कर हमें आपकी किस्मत से रश्क हो रहा है...ऐसे बचपन का सपना तो हर बच्चा देखता है लेकिन उसके सच होने का नसीब आप जैसे किसी किसी को ही होता है...बहुत दिलचस्प वाकये बयां किये हैं आपने...मजा आ गया. - नीरज गोस्वामी

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