
(मेरे ब्लॉग "मेरी कविता" पर ये सौवीं पोस्ट माता शारदे को समर्पित है । मुझे इस बात से अत्यंत हर्ष हो रहा है कि आज के ही शुभ दिन यह सुअवसर आया है जिस दिन सारा देश माँ की पूजा-अर्चना में लीन होगा ।)हे ज्ञान की देवी शारदे,इस अज्ञ जीवन को तार दे,तम अज्ञान का दूर कर दे माँ,तू प्रत्यय का उपहार दे ।
तू सर्वज्ञाता माँ वीणापाणि,मैं जड़ मूरख ओ हंसवाहिनी,चेतन...