सबसे पहले मेरे सारे ब्लॉगर साथियों को प्रेरणा अर्गल प्रणाम और सलाम .

"हार नहीं मानूँगा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
मैं कुछ दिनों के लिए आप सबसे दूर गई थी पर अब हाजिर हूँ आप सबके सामने इस मंच की नई पेशकश के साथ.
सबसे पहले मैं इस मंच के सभापति आदरणीय श्री रूपचंद शास्त्री जी का स्वागत करती हूँ / उनके आशीर्वाद से ही यह मंच अपनी नई उंचाइयों की और अग्रसर है /आप सभी का भी आज की प्रस्तुति पर स्वागत है /आइये और अपने विचारों से हमें अवगत करिए /
ब्लोगर्स मीट वीकली (१६)
"हार नहीं मानूँगा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
जब तक तन में प्राण रहेगा, हार नहीं मानूँगा। कर्तव्यों के बदले में, अधिकार नहीं मागूँगा।। |
| आज सबसे पहले मंच की पोस्ट्स |
अनवर जमाल जी की रचनाएँपाकिस्तान ने अंततः भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दे दिया![]() |
अख्तर खान "अकेलाजी " की रचनाएँ.बात त्यौहार और खासकर इस्लाम से जुड़े क़ुरबानी के त्यौहार ईदुज्जुहा की है |
गुफ्तगू........![]() दर्शन कौर जी की रचना ![]() |
| आशा जी की रचना मेरी पहचान सलीम अख्तर सिद्दीक़ी जी की रचना बिखराव के रास्ते पर अन्ना टीम रविन्द्र प्रभात जी की रचना ![]() |
मीनाक्षी पन्त जी की रचना बस एक आसनीलेश माथुर जी की रचना ![]() साधना वैद जी की रचना चिराग और जुगनू![]() |
राजेश कुमारी जी की रचना मिलन का इन्द्रधनुष![]() सुनील कुमार जी की रचना व्यर्थ आंसू .......![]() दीप्ती शर्मा जी की रचना ![]() रवीन्द्र प्रभात जी की रचना कोहरा छाने लगा हैविवेक जैन जी की रचना संगीता स्वरुप जी की रचना कुवंर कुसुमेश जी की रचना बबली जी की रचना राजेंद्र स्वर्णकार जी के छंद प्रिय छंद सुनिए प्रेम से , हम ने कहे हैं प्रेम सेब्लॉग की ख़बरें परअरे भई साधो......: टीम अन्ना को संयम और समन्वय की ज़रूरतअन्ना हजारे ने अपना ब्लॉग बंद करने का ऐलान किया है. उनकी नाराजगी का कारण उनका पत्र समय से पहले सार्वजनिक कर दिया जाना है.अजेय भारत के निर्माण के लिए... - डॉ. अनवर जमाल ...अधिकांशतः अपने फ़र्ज़ की अदायगी को लेकर ‘ईमानदार’ नहीं हैं ।जब उनके दिल में ‘ईमान’ ही नहीं है तो ईमानदारी आयेगी भी कैसे ? ईमान क्या है ? ईमान यह है कि आदमी जान ले कि सच्चे मालिक ने उसे इस दुनिया में जो शक्ति और साधन दिए हैं उनमें उसके साथ -साथ दूसरों का भी हक़ मुक़र्रर किया है। इस हक़ को अदा करना ही उसका क़र्ज़ है। फ़र्ज़ भी मुक़र्रर है और उसे अदा करने का तरीक़ा और हद भी। जो भी आदमी इस तरीक़े से हटेगा और अपनी हद से आगे बढ़ेगा। मालिक उस पर और उस जैसों पर अपना दण्ड लागू कर देगा। इक्का दुक्का अपवाद व्यक्तियों को छोड़ दीजिए तो आज हरेक आदमी बैचेनी और दहशत में जी रहा है। हरेक को अपनी सलामती ख़तरे में नज़र आ रही है। Tech. Aggregator पर देखें - अपनी सारी पोस्ट गूगल सर्च इंज़न पर कैसे देखें ~ Tips Hindi Mein / टिप्स हिंदी में: बहुत ही आसान है ये सब करना . |













