ब्लॉगर्स मीट वीकली (28) God in Ved & Quran


ब्लॉगर्स मीट वीकली (28)
सबसे पहले ब्लॉगर साथियों को प्रेरणा अर्गल का प्रणाम और सलाम /आप सभी साथियों का आज की ब्लॉगर्स मीट वीकली में स्वागत है /आप आइये और अपने विचारों से हमें अवगत करिए /

आज सबसे पहले मंच की पोस्ट्स

अनवर जमाल जी की रचनाएँ

अयाज अहमद जी की रचना

हमदर्दी के जज़्बात से ख़ाली होकर कविताएं गाने का मतलब क्या रह जाता है ?

विधवा समस्या इस बार की मीट का ख़ास टॉपिकथा। वृंदावन में बहुत सीविधवाएं रहती हैं। जोनिर्धन विधवाएं हैं, उनकेमरने पर उनके शरीर कोस्वीपर छोटे छोट पीस मेंकाटकर थैलियों मेंभरकर फेंक देते हैं।

अंतिम संस्कार क्यों नहीं हो पाता इन विधवाओं का ?

अफसर पठान जी की रचना

प्रदीप कुमार सहनीजी की रचना प्रदीप कुमार साहनीजी की रचना

हे ज्ञान की देवी शारदे

(मेरे ब्लॉग "मेरी कविता" पर ये सौवीं पोस्ट माता शारदे को समर्पित है । मुझे इस बात से अत्यंत हर्ष हो रहा है कि आज के ही शुभ दिन यह सुअवसर आया है जिस दिन सारा देश माँ की पूजा-अर्चना में लीन होगा ।)


मंच के बाहर की पोस्ट

गाय के साथ मुसीबत भी मुफ्त में


अमित चौधरी


ज्ञानपीठ से प्रकाशित अज्ञेय की एक किताब है, 'एक बूंद सहसा उछली।' इसमें यूरोप के यात्रा-वृत्तांत हैं।...
अज्ञेय आगे लिखते हैं, 'ठीक ही तो है। जहां मनुष्य गाय को नहीं खाता, वहां गाय मनुष्य को खाती है- और मनुष्य अच्छा भोजन नहीं है इसलिए उसको खाकर भी भूखी रह जाती है। ... गोधन का संवर्द्धन तो तभी हो सकता है जब हम उसे धन मानें; अर्थात भावना को एक ओर रखकर उसे आर्थिक नियमों के अधीन मान लें। माताओं की वृद्धि नहीं की जाती, न सुधार होता है और माताओं की नस्ल के बारे में कुछ कहना तो निरा दुर्विनय है!'


दिनेशराय द्विवेदी
जी

बालक की अभिरक्षा के निर्णय में उस का हित सर्वोपरि


सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि पिता के प्राकृतिक संरक्षक होते हुए भी बालक के हितों को देखते हुए न्यायालय किसी अन्य व्यक्ति को संरक्षक नियुक्त कर सकता है।

स्वामी चंदरमोली

भ्रूण हत्या हिन्दुओ मे ही क्यो ?



हमारे कुछ नेताओ ने हिंदू मुस्लिम मे नफ़रत पैदा करने के लिए इन पर रोक लगाई है,भगवान कृशन की राधा उनके ताऊ व्रषभानु की बेटी थी,कृशन ने अपनी बहन सुभद्रा की शादी अपनी बुआ कुंती के लड़के अर्जुन से की,भगवान महावीर की पत्नी उनके मामा की बेटी थी,भगवान बुद्ध की पत्नी,उनकी मोसी की बेटी थी,सम्राट अशोक की पत्नी मोसी की बेटी थी,पर्थ्वी राज चौहान की पत्नी उनके सग़ी मोसी के बेटे जैचंद की बेटी है,आज भी दक्षिण भारत के हिंदू मामा बुआ मे ही शादी करते है,इसलिए भ्रूण हत्या नही है वैदिक धर्म को अपनाने से हम इस महा पाप से मुक्त हो सकते है .

नाथूराम गोडसे को नमस्कार


पंचनामा ब्लॉग पर
संगीता जी देख रही हैं

अश्क गाँधी के

देखे थे कई ख़्वाब उसने हिन्दुस्तान के वास्ते ,
सोचा न था कि दायरों में सिमट जाएगा इंसान का वजूद ......

रंग बिरंगी एकता
हम होंगे कामयाब! - डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग, को जन्मदिन की शुभकामनाएं! गाँधी जी जिनके प्रेरणास्रोत थे…

सुधिनामा ब्लॉग पर
साधना वैद जी ने लिखा है

साँझ के उतरने के साथ ही ..., मैं अपने मन की गहराइयों में नीचेऔर नीचे उतरती ही जाती हूँ !

आशा जी की अनुभूति यह है कि

कुछ शब्दों को
स्वर नहीं मिलते
मीनाक्षी पंतजी की रचना






हर बज्म में बैठे और खुदको साबित भी कर लिया |
फिर भी रही शिकायत की हमको कुछ नहीं मिला |

"ज़िन्दग़ी में बड़े झमेले हैं" ( डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंकजी

")

घर हमारे बने तबेले हैं
ज़िन्दग़ी में बड़े झमेले हैं

तन्त्र से लोक का नहीं नाता
हर जगह दासता के मेले हैं

ऋतुराज बसंत

महेश्वरी कनेरी जी की प्रस्तुति

राजेश कुमारी जी भी कह रही हैं

आयो रे वसंत

धामक -धूमक कर आयो रे वसंत
धन्य -धरित्री महकायो रे वसंत!
घूम रहे अलि-अलि झूम रही कलि -कलि
पुहुप -पुहुप मुस्कायो रे वसंत !
धामक -धूमक कर आयो रे वसंत!

महेंद्र श्रीवास्तव जी ताज़ा चुनाव के बारे में बता रहे हैं
चुनाव में ईमानदारी ... ना बाबा ना

“ जब शाम की दवा यानि दारू मंहगी हो जाए “ तो समझ लेना चाहिएकि सरकार की उल्टीगिनती शुरू हो गई है।वाकई इस बात काग्रामीण अंचलों में असरदेखा जा रहा है। आपयकीन माने यूपी मेंचुनाव के दौरान शराबकी कीमतों में भारीकटौती की गई है।
वात रोग
<span title=.
लेखक डॉ. कैलाश द्विवेदी


मनुष्य के शरीर का ढांचा मांसपेशियों, हड्डियों, एवं जोड़ों से बना है वात रोग इन्ही जोड़ों का रोग है | वात के अंतर्गत कई प्रकार के रोग आते हैं | रोग की प्रकृति एवं लक्षणों के आधार पर वात रोगों के विभिन्न नाम दिए गए हैं .
कुमार राधा रमण जी हस्बे आदत बता रहे हैं
स्वास्थ्य सबके लिए

मसालों में छिपी है सेहत

मसालों की प्रकृति के बारे में सही जानकारी कई बीमारियों को आपसे कोसों दूर भगा सकती है।
जनाब दिनेश कुमार गुप्ता ‘रविकर‘ जी ने चर्चामंच पर
एक लाजवाब चर्चा पेश की है

पंजाबी मजदूर जब : चर्चा-मंच : 773


ब्लॉग की ख़बरें पर

महिला के शरीर में दो जननांग, पॉर्न इंडस्ट्री से ऑफर





सौजन्य- द सन लंदन।। ब्रिटेन में एक 'खास' शारीरिक दोष ने एक महिला को 1 मिलियन डॉलर (करीब 5 करोड़) का ऑफर दिला दिया है।

चाँदनी भी कहर सा ढाती है -
रूपचंद्र शास्त्री मयंक जी
जब भी पुरवा बयार आती है
ज़िन्दगी खूब खिलखिलाती है
जब भी बादल फलक घिरते हैं
याद प्रीतम की तब सताती है
हाथ से खिलाया तो इंडियन पैरंट्स से छीने बच्चे -
सौजन्य: एनडीटीवी ओस्लो।। नॉर्व में रहने वाला एक इंडियन कपल वहां के अजीब कायदे कानूनों की वजह से अपने बच्चों से 8 महीनों स...
प्लीज़ क्रांति न करे कोई No Revolution -लोग अंग्रेज़ो से टकराए तो वे देश से चले गए और आज बहुत से लोग यह कहते हुए मिल जाएंगे कि देश में आज जो असुरक्षा के हालात हैं, ऐसे हालात अंग्रेज़ों के दौर में न थे।
कहीं ऐसा न हो कि फिर टकाराया जाए तो देश और गड्ढे में उतर जाए।
सो प्लीज़ हरेक आदमी यह भी प्रण करे कि अब हम क्रांति टाइप कोई काम नहीं करेंगे।
वेद क़ुरआन ब्लॉग पर तत्व चर्चा

वेद क़ुरआन में ईश्वर का स्वरूप God in Ved & Quran

शारदा देवी को एक वर्ग ज्ञान की देवी मानता है। आज उसकी पूजा की जा रही है।
तत्व की बात तो यह है कि इस सृष्टि का संचालन कोई देवी देवता नहीं कर रहा है बल्कि एक सर्वशक्तिमान ईश्वर ही कर रहा है।

...लै-इ-स कमिस्लिहि शैउन ...
अर्थात उसके जैसी कोई चीज़ नहीं है.
(पवित्र क़ुरआन, 42,11)

न तस्य प्रतिमा अस्ति ...
उस परमेश्वर की कोई मूर्ति नहीं बन सकती.
(यजुर्वेद, 32,3)
Read More...

ट्रेन रिजर्वेशन से जुड़ी हर काम की बात Indian railway

TRAIN RESERVATION
मोबाइल के जरिए ट्रेन रिजर्वेशन करवा सकते हैं।

अगर आप रेलवे रिजर्वेशन करवाना चाहते हैं तो अब आपको लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। इंटरनेट पर रिजर्वेशन की सुविधा तो पहले से ही थी, हाल ही में खबर आई कि अब आप अपने मोबाइल के जरिए बेहद आसानी से अपना टिकट बुक करवा सकते हैं। बस आपके मोबाइल में इंटरनेट होना चाहिए। इसके अलावा फेसबुक ने भी रेलवे का फेस बदला है। ट्रेन टिकट रिजर्वेशन के तमाम दांव-पेचों की जानकारी दे रहे हैं नवीन कृष्णा:

फेसबुक पर नया फेस

नॉर्दर्न रेलवे के दिल्ली डिविजन ने हाल ही में फेसबुक पर ट्रेनों में करंट रिजर्वेशन के तहत खाली सीटों का स्टेटस बताना शुरू कर दिया है। इसके तहत रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद जो खाली सीटें होती हैं, उन्हें अलॉट किया जाता है। इसका रिजर्वेशन ऑनलाइन नहीं होता और इसके लिए स्टेशन पर बने करंट काउंटर पर जाना पड़ता है। रेलवे ने नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार और सराय रोहिल्ला स्टेशनों से शुरू होने वाली ट्रेनों का करंट स्टेटस बताने की व्यवस्था शुरू की है लेकिन सराय रोहिल्ला और आनंद विहार स्टेशन से यह नहीं हो पा रहा है। नॉर्दर्न रेलवे के पीआरओ ए. एस. नेगी का दावा है कि जल्दी ही इन दोनों स्टेशनों से खुलने वाली ट्रेनों का करंट स्टेटस भी पता लग पाएगा। करंट रिजर्वेशन उसी स्टेशन से कराया जा सकता है, जहां से ट्रेन स्टार्ट होती है।

चेक करें करंट रिजर्वेशन का स्टेटस

फेसबुक पर search में जाकर Delhi Division Northern Railway सर्च करें।

इसके बाद लेफ्ट साइड में बने info को क्लिक करें। नया पेज खुलने के बाद स्क्रॉल करके और नीचे जाएं। अब इस लिंक पर क्लिक करें http://122.252.248.145:8182/RW/

ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने के बाद जो सीटें (सभी क्लास की) खाली रह गई हैं, उनकी पूरी जानकारी आपकी स्क्रीन पर आ जाएगी।

यहां एक बात ध्यान देने लायक है कि करंट और तत्काल रिजर्वेशन में अंतर होता है। तत्काल का टिकट आप ट्रेन रवाना होने से एक दिन पहले बुक करा सकते हैं, वहीं करंट के लिए आपको उस ट्रेन के चार्ट बनने का इंतजार करना होगा। चार्ट बनने के बाद जो सीटें खाली रह जाती हैं, उनका करंट रिजर्वेशन होता है। रेलवे फेसबुक पर भी बार-बार बता रही है कि करंट की सीटों का मतलब तत्काल टिकट से नहीं है। करंट बुकिंग के लिए अलग विंडो होती है और इस कोटे की सीटें वहीं से बुक कराई जा सकती हैं। करंट रिजर्वेशन पर कोई एडिशनल चार्ज नहीं लगता।

फायदा: आमतौर पर लोग रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने के बाद मान लेते हैं कि अब उस ट्रेन में रिजर्वेशन का कोई चांस नहीं है। जिसे करंट रिजर्वेशन के बारे में पता भी होता है, वह भी इतना रिस्क नहीं लेता कि पहले घर से स्टेशन जाए और फिर वहां से इन सीटों के बारे में पता करे। रिजर्वेशन चार्ट आमतौर पर ट्रेन के डिपार्चर टाइम से चार घंटे पहले तैयार होता है। इसके बाद भी यदि करंट का स्टेटस ऑनलाइन पता चल जाए तो लोग आराम से स्टेशन जाकर सीट बुक करा सकते हैं। इससे रनिंग ट्रेन में टीटीई की मनमानी पर भी अंकुश लगेगा।

घर बैठे जानें प्लैटफॉर्म

1- आपकी ट्रेन किस प्लैटफॉर्म से रवाना हो रही है या आने वाली है, इसकी जानकारी के लिए आप फेसबुक पर Search कॉलम में जाकर Delhi Division Northern Railway सर्च करें।

2- दिल्ली डिविजन का पेज खुलने के बाद आपको लेफ्ट साइड में info का ऑप्शन मिलेगा। उसमें रेलवे के बारे में जानकारी दी गई है। उसके नीचे आपको Delhi Division Northern Railway http://122.252.248.147/MIC_nr/NR_DelhiDiv_TADInfoNetView.aspx लिंक मिलेगा। इसे क्लिक करने पर आप दिल्ली के तीन बड़े स्टेशनों नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर आने-जाने वाली ट्रेनों का प्लैटफॉर्म नंबर देख सकते हैं। आप चाहें तो इस लिंक को सेव भी कर सकते हैं। इंटरनेट वाले मोबाइल पर भी यह सुविधा ली जा सकती है। चाहें तो मोबाइल के बुक मार्क्स में इस लिंक को सेव कर सकते हैं।

बड़े काम की साइट

http://www.indianrail.gov.in/

रेलवे की सुपरहिट साइट है और इस पर ट्रेनों के बारे में पूरी जानकारी के साथ-साथ सीटों की उपलब्धता और रेलवे के नियम विस्तार से पढ़ने को मिल जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा ट्रेन रनिंग इन्फर्मेशन में मिलता है। इस साइट के खुलने के बाद लेफ्ट साइड में Train Running Information है। आप जैसे ही इसे क्लिक करेंगे, आपके सामने ट्रेन का नाम या नंबर लिखने का ऑप्शन आएगा। यदि आपको ट्रेन का नंबर पता है तो नंबर डालना ही ठीक रहता है क्योंकि नाम डालने के बाद अप और डाउन दोनों गाडि़यों का ऑप्शन आ जाता है। नंबर डालने के बाद ट्रेन का नाम आएगा और पूछा जाएगा कि आप पिछले दिन चलने वाली, आज, कल (आने वाला और बीता हुआ) या परसों चलने वाली ट्रेन का रनिंग इन्फर्मेशन चाहते हैं।

इसमें सारे स्टेशनों के नाम भी आएंगे, जहां ट्रेन का स्टॉपेज है। यदि हावड़ा से आ रही किसी ट्रेन की पोजिशन नई दिल्ली में 4 घंटे लेट बताई जा रही है और आपको लगता है कि ट्रेन उससे भी अधिक लेट है तो आप पिछले स्टेशनों पर जाकर देख सकते हैं कि ट्रेन वहां कितनी लेट है। मान लीजिए नई दिल्ली में ट्रेन चार घंटे लेट दिखा रही है और यहां आने से पहले ट्रेन का स्टॉपेज कानपुर और इलाहाबाद में है तो आप इलाहाबाद स्टेशन सिलेक्ट करके जान सकते हैं कि वह ट्रेन वहां कितनी लेट है। इससे आप एक अंदाजा भी लगा सकते हैं। इसके अलावा इस साइट पर आपको ट्रेन में रिजर्वेशन कराने के लिए किस क्लास में कितनी सीटें खाली है यह भी पता चल जाता है।

www.irctc.co.in से यह इस मामले में सुविधाजनक है क्योंकि इसमें एक ऑप्शन all class का है जहां से आपको एक ही विंडो खुलने पर उस ट्रेन के हर क्लास की सीटों का स्टेटस पता चल जाता है। रनिंग ट्रेन का स्टेटस जानने के लिए आप सीधे www.trainenquiry.com पर भी जा सकते हैं।

रिजर्वेशन

ऑनलाइन या विंडो पर 90 दिन पहले से रिजर्वेशन शुरू होता है। हालांकि नॉर्दर्न रेलवे की कुछ ट्रेनों में सिर्फ 30 दिन पहले ही रिजर्वेशन कराया जा सकता है। ट्रेन नंबर 4001/4002 दिल्ली अटारी लिंक एक्सप्रेस में 15 दिन पहले तक ही रिजर्वेशन कराया जा सकता है।

इन गाड़ियों में होता है 30 दिन पहले रिजर्वेशन-

-गोमती एक्सप्रेस

-ताज एक्सप्रेस

-हिमालयन क्वीन एक्सप्रेस

-शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस

-नई दिल्ली-श्रीगंगानगर इंटरसिटी

-नई दिल्ली-बठिंडा एक्सप्रेस

-आगरा इंटरसिटी

-अमृतसर इंटरसिटी

-नई दिल्ली-जालंधर एक्सप्रेस

-दिल्ली-कोटद्वार गढ़वाल एक्सप्रेस

-लखनऊ-इलाहाबाद इंटरसिटी

-गंगा गोमती लखनऊ-इलाहाबाद एक्सप्रेस

-वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी

-बरेली-नई दिल्ली इंटरसिटी

-दिल्ली-बठिंडा किसान एक्सप्रेस

-अंबाला-श्रीगंगानगर इंटरसिटी

-हरिद्वार-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस

यह भी है काम की साइट

nr.indianrailways.gov.in

इस साइट को ओपन करने पर राइट साइड में नीचे आपको Press Releases/News कॉलम मिलेगा। इसे दिन भर में कई बार अपडेट किया जाता है और आप इसमें ट्रेनों की बाबत महत्वपूर्ण जानकारी पा सकते हैं। जैसे पिछली होली के दौरान जाट आंदोलन के कारण दिल्ली से ईस्टर्न यूपी और बिहार जाने वाली कई ट्रेनें कैंसल हो रही थीं। उस दौरान इस साइट पर एडवांस में यह जानकारी दी जा रही थी कि कल कौन सी ट्रेन पूरी तरह या आंशिक रूप से कैंसल की गई है या कौन सी ट्रेन रूट बदलकर चल रही है।

ई-टिकटिंग

इसके लिए सबसे पहले आपको अपना लॉगइन क्रिएट करना होगा। इसके लिए आप www.irctc.co.in क्लिक करें। पेज खुलते ही लेफ्ट साइट में uesrname और Password के बाद login के नीचे आपको sign up का ऑप्शन मिलेगा। sign up में क्लिक करते ही एक पेज खुलेगा, जिसमें मांगी गई जानकारी भरने के बाद आईआरसीटीसी की इस साइट पर आप रजिस्टर्ड हो जाएंगे। यहां से आप डेबिट, क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग की मदद से बर्थ रिजर्व करवा सकते हैं। विंडो की तरह ही यहां भी एक पीएनआर नंबर पर छह सीटें बुक करवाई जा सकती हैं। यहां से बुकिंग कराने पर रेलवे सर्विस चार्ज लेता है। सेकंड सिटिंग और स्लीपर क्लास के टिकट पर यह चार्ज 10 रु. है और अपर क्लास का 20 रु.। ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा रात 12:30 से रात 11:30 बजे तक उपलब्ध रहती है यानी रात 11:30 से 12:30 के बीच ऑनलाइन रिजर्वेशन नहीं कराया जा सकता। रियायती टिकटों के मामले में सिर्फ सीनियर सिटिजन के टिकट ही ऑनलाइन बुक कराए जा सकते हैं।

टिकट कैंसल और रिफंड

ऑनलाइन बुक कराए गए टिकट ऑनलाइन ही कैंसल कराए जा सकते हैं। ट्रेन कैंसल होने की स्थिति में आपको ट्रेन के डिपार्चर टाइम के 72 घंटे के अंदर इसे कैंसल कराना होगा। वेटिंग लिस्ट में रहने पर ई टिकट खुद कैंसल हो जाते हैं। 72 घंटे के अंदर टिकट कैंसल नहीं कराने पर भी टिकट होल्डर के पास TDR के माध्यम से टिकट कैंसल कराने का ऑप्शन रहता है। TDR का ऑप्शन भी irctc.co.in साइट पर उपलब्ध है। जैसे ही आप लॉग इन करेंगे, यह ऑप्शन आपको राइट साइड में मिल जाएगा। अब ट्रेन में जर्नी करते समय आपको टिकट का प्रिंट लेकर चलने की जरूरत नहीं है। रेलवे ने यह व्यवस्था की है कि मोबाइल, लैपटॉप या आईपैड पर टिकट जर्नी के समय टीटीई को दिखा सकते हैं। पूरे महीने में दस बुकिंग से ज्यादा नहीं करा सकते। यह बुकिंग चाहें तो एक दिन में भी करा सकते हैं। यह लिमिटेशन महीने भर की है।

यात्रा की तारीख से 24 घंटे पहले तक कन्फर्म टिकट कैंसल कराने पर फुल रिफंड मिलता है, लेकिन आपके पास स्लीपर का टिकट है तो 40 रुपये कट जाएंगे और अगर टिकट एसी का है तो 80 रुपये। 24 घंटे से कम समय रह जाने पर टिकट कैंसल कराने पर 50 फीसदी रकम कट जाती है। कैंसिलेशन आप कभी भी करा सकते हैं। चार्ट बनने के बाद भी और ट्रेन छूट जाने पर भी। ट्रेन छूट गई और आपके पास ई टिकट है तो कैंसल कराने के लिए टीडीआर फाइल करना होगा। आमतौर पर 72 घंटे में रकम आपके अकाउंट में आ जाती है। अगर आपने विंडो से टिकट लिया है तो आपको कैंसिलेशन के लिए विंडो पर ही जाना होगा। इसमें किलोमीटर और घंटे का गुणा-भाग किया जाता है।

मोबाइल से रिजर्वेशन

इसके लिए दो चीजें जरूरी हैं :

1. आपके मोबाइल में इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए।

2. कम्प्यूटर के जरिए irctc.co.in साइट पर आपका रजिस्टेशन हो चुका हो यानी आपके पास यूजर आईडी और पासवर्ड हो। टिकट रिजर्वेशन कराने के लिए अब इंटरनेट के जरिए आप irctc.co.in/mobile सर्च करें। नई व्यवस्था के मुताबिक, आपकी स्क्रीन पर इंटरनेट बुकिंग का पेज खुल जाएगा। यहां से आप टिकट रिजर्व कराने के साथ ही उसे कैंसल भी करा सकते हैं। आप इस पर बुकिंग हिस्ट्री भी चेक कर सकते हैं। अब मोबाइल स्क्रीन पर ढेर सारे फीचर वाला पेज नहीं खुलता। यानी इसे अब मोबाइल फ्रेंडली कर दिया गया है।

SMS सर्विस

97176-31813

नॉर्दर्न रेलवे के दिल्ली डिविजन ने हाल ही में एक ऐसी एसएमएस सर्विस शुरू की है जिससे आपको ट्रेनों के आने-जाने और जिस प्लैटफॉर्म पर वह ट्रेन आ रही है, उसकी जानकारी हो जाएगी। इसके लिए आपको मेसेज बॉक्स में जाकर ट्रेन का नंबर लिखना होगा और उसे इस नंबर पर भेज देना होगा। आपको रेलवे की तरफ से मांगी गई जानकारी दे दी जाएगी। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ दिल्ली के कुछ खास स्टेशनों के लिए चालू की गई है। हालांकि अभी प्लैटफॉर्म की जानकारी नहीं मिल पा रही है। सेकंड फेज में इसे दिल्ली डिविजन में आने वाले सभी स्टेशनों के लिए शुरू किया जाएगा।

97176-30982

अगर आपको रेलवे सर्विस को लेकर किसी भी तरह की शिकायत है तो आप इस नंबर पर अपनी शिकायत मेसेज कर सकते हैं। चलती ट्रेन में भी आपको कोई परेशानी होती है तो आप इस नंबर की मदद ले सकते हैं। हालांकि आपको इतना ध्यान रखना होगा कि आपकी शिकायत 140 कैरेक्टर से ज्यादा न हो। इस नंबर पर की गई शिकायत की जांच के लिए एक कंप्लेंट रिड्रेसल सेल बनाया गया है जिसे एजीएम (नॉर्दर्न रेलवे) लीड करते हैं। आपकी शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी भी आपको दे दी जाएगी। इस नंबर के अलावा आप 011-2338-4040 या 2338-7326 पर फैक्स कर सकते हैं या ccmfm@nr.railnet.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। इन सभी नंबरों, फैक्स और मेल पर चौबीसों घंटें कंप्लेंट की जा सकती है। दिल्ली डिविजन में आप 011-2334-5686 पर भी कॉल कर सकते हैं। यह हेल्पलाइन चौबीसों घंटे काम करती है।

155-210

यह चौबीसों घंटे की विजिलेंस हेल्पलाइन है और आप इस नंबर पर रेलवे से संबंधित किसी भी तरह के करप्शन की शिकायत कर सकते हैं। इतना ख्याल रखें कि इस नंबर पर आम शिकायत दर्ज न कराएं।

तत्काल के नियम

-तत्काल टिकट के नए नियमों के मुताबिक, बेसिक फेयर का 10 फीसदी सेकंड क्लास पर और दूसरे क्लास के लिए बेसिक फेयर का 30 फीसदी देना होगा। इसमें न्यूनतम और अधिकतम का फंडा भी है।

-तत्काल टिकट की बुकिंग ट्रेन खुलने के एक दिन पहले से होती है। अगर आपकी ट्रेन 10 जनवरी की है तो उस ट्रेन के लिए तत्काल की सीटें 9 जनवरी को सुबह 8 बजे से बुकिंग के लिए उपलब्ध होंगी।

-तत्काल टिकट खो जाने पर आमतौर पर डुप्लिकेट टिकट इश्यू नहीं किया जाता। कुछ खास स्थितियों में तत्काल चार्ज समेत टोटल फेयर पे करने पर डुप्लिकेट टिकट इश्यू किया जा सकता है।

-तत्काल टिकट टिकट विंडो से लेने के लिए आठ वैलिड आइडेंटिटी प्रूफ में से एक दिखाना होगा। ये हैं - पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आई कार्ड, फोटो वाला क्रेडिट कार्ड, सरकारी निकायों का फोटो आई कार्ड, मान्यता प्राप्त स्कूल कॉलेजों का आई कार्ड। इसके साथ ही रिजर्वेशन स्लिप के साथ आपको एक सेल्फ अटेस्टेड आइडेंटिटी कार्ड की फोटो कॉपी भी विंडो पर देनी होगी।

-ऑनलाइन तत्काल टिकट बुक कराने के लिए भी आपको अपने पहचान पत्र की डिटेल देनी होंगी। इसकी डिटेल आपके टिकट पर भी आएंगी और प्लैटफॉर्म और बोगी पर लगने वाले चार्ट पर भी। आपको यह पहचान पत्र लेकर यात्रा करनी होगी।

-तत्काल के तहत सिर्फ चार लोगों का रिजर्वेशन एक पीएनआर नंबर पर हो सकता है।

-तत्काल टिकटों की वापसी पर रिफंड नहीं मिलता।

-लेकिन कुछ स्थितियों में फुल रिफंड की व्यवस्था भी है। ये हैं :
1- ट्रेन जहां से खुलती है, अगर वहां से तीन घंटे से ज्यादा लेट हो।
2- ट्रेन रूट बदलकर चल रही हो और पैसेंजर उसमें यात्रा करना नहीं चाहता।
3- अगर ट्रेन रूट बदलकर चल रही हो और बोर्डिंग और पैसेंजर के डेस्टिनेशन स्टेशन उस रूट पर नहीं आ रहे हों।
4- अगर रेलवे पैसेंजर को उसके रिजर्वेशन वाली क्लास में यात्रा करा पाने में असमर्थ हो।
5- अगर रिजर्व ग्रेड से लोअर कैटिगरी में सीटें रेलवे उपलब्ध करा रहा हो लेकिन पैसेंजर उस क्लास में यात्रा करना नहीं चाहता। अगर पैसेंजर लोअर क्लास में सफर कर भी लेता है तो रेलवे को उस पैसेंजर को किराए और तत्काल चार्ज के अंतर के बराबर रकम लौटानी होगी।

जर्नी के टिप्स

-फर्स्ट क्लास एसी या सामान्य फर्स्ट क्लास में आप बुक कराकर अपने डॉगी को ले जा सकते हैं।

-फर्स्ट क्लास के अलावा किसी भी क्लास में डॉगी ले जाना मना है, लेकिन आप उसे डॉग बॉक्स में बुक करा सकते हैं। डॉग बॉक्स ब्रेक वैन में होते हैं।

-डॉगी की बुकिंग पार्सल ऑफिस से करानी पड़ती है।

विदाउट टिकट होने पर

प्लैटफॉर्म पर : आपको कम से कम 250 रुपये की पेनल्टी के साथ उस स्टेशन पर जो गाड़ी लास्ट में आई हो, उसका किराया देना होगा। किराये का निर्धारण चेकिंग पॉइंट्स से होता है। जैसे अगर आप फरीदाबाद में प्लैटफॉर्म पर पकड़े जाते हैं और उस स्टेशन पर लास्ट ट्रेन नई दिल्ली से आई हो तो नई दिल्ली से फरीदाबाद का किराया और 250 रुपये फाइन देना होगा। अगर ट्रेन आगरा-मथुरा के रास्ते आई हो तो आपको आगरा तक का किराया और 250 रुपये फाइन देना होगा। किराया जनरल बोगी का लिया जाता है। अगर किराये की रकम 250 रुपये से ज्यादा हो तो पेनल्टी भी उतनी ही हो जाती है। अगर आप पेनल्टी देने से मना करते हैं तो आपको आरपीएफ की हवालात में भी भेजा जा सकता है और फिर मैजिस्ट्रेट आपसे एक हजार रुपये फाइन वसूलेगा।

रनिंग ट्रेन में : ट्रेन में विदाउट टिकट पकड़े जाने पर 250 रुपये फाइन और जहां पकड़े गए हों ट्रेन के डिपार्चर पॉइंट से वहां तक का किराया देना होगा। अगर आप वहां से आगे की यात्रा करना चाहते हैं तो फाइन और आपकी मंजिल का किराया लेकर आपका टिकट बना दिया जाएगा। इसके बावजूद आपको रिजर्वेशन वाली बोगी में यात्रा करने का हक नहीं मिलता।

ई टिकट : अगर आपने ई टिकट लिया है और ट्रेन में जाने के बाद आपको पता लगा कि टिकट खो गया है और आपके पास उसे लैपटॉप या आईपैड या मोबाइल पर दिखाने का ऑप्शन भी नहीं है तो आप टीटीई को 50 रुपये पेनल्टी देकर टिकट हासिल कर सकते हैं।

चार्ट का फंडा

ट्रेन का चार्ट आमतौर पर डिपार्चर टाइम से 4 घंटे पहले तैयार हो जाता है लेकिन यदि ट्रेन दोपहर 12 बजे से पहले की है तो उसका चार्ट रात में ही तैयार कर लिया जाता है।

रेलवे से जुड़ी हेल्पलाइन

रेल यात्रा के दौरान आपसे तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूले जाएं, आप क्वॉलिटी से संतुष्ट न हों या फिर मात्रा पूरी न हो तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं। कुछ नंबरों पर आप किसी भी दिन और किसी भी समय शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऑग्मेंटेड रिऐलिटी के जरिए आप इन हेल्पलाइन नंबरों को जान सकते हैं। ऑग्मेंटेड रिऐलिटी का यह अनुभव और यह अंक आपको कैसा लगा? बताने के लिए हमें मेल करें sundaynbt@gmail.com पर। सब्जेक्ट में लिखें SU-JZ

इस तरह करें ऑग्मेंटेड रिऐलटी का अनुभव

अपने मोबाइल फोन में इंटरनेट कनेक्शन ऑन करें। TOIAR लिखकर 58888 पर एसएमएस कर दें। जवाबी एसएमएस के अंदर ऑग्मेंटेड रिऐलटी को अनुभव करने के लिए जरूरी प्रोग्राम का लिंक होगा।

इस लिंक पर पर क्लिक करके इस प्रोग्राम को डाउनलोड कर लें या आप सीधे toi.intaract.mobi से भी इस प्रोग्राम को डाउनलोड कर सकते हैं।

मोबाइल के प्रोग्राम्स/एप्लिकेशंस की लिस्ट में जाएं। वहां यह intrARact नाम से सेव होगा। इस प्रोग्राम को खोलें।

इस बॉक्स के ऊपर जो जस्ट जिंदगी का लोगो है, उस पर मोबाइल कैमरे को फोकस करें और फोटो लें। आपको मिलेंगे वे हेल्पलाइन नंबर, जिन पर रेलवे से जुड़ी किसी समस्या के लिए आप शिकायत कर सकते हैं। यह अनुभव ही ऑग्मेंटेड रिऐलटी है।
Source : http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/11409956.cms
Read More...

हे ज्ञान की देवी शारदे

(मेरे ब्लॉग "मेरी कविता" पर ये सौवीं पोस्ट माता शारदे को समर्पित है । मुझे इस बात से अत्यंत हर्ष हो रहा है कि आज के ही शुभ दिन यह सुअवसर आया है जिस दिन सारा देश माँ की पूजा-अर्चना में लीन होगा ।)
हे ज्ञान की देवी शारदे,
इस अज्ञ जीवन को तार दे,
तम अज्ञान का दूर कर दे माँ,
तू प्रत्यय का उपहार दे ।

तू सर्वज्ञाता माँ वीणापाणि,
मैं जड़ मूरख ओ हंसवाहिनी,
चेतन कर दे,जड़ता हर ले,
मैं भृत्य तेरा हे विद्यादायिनी ।

जग को भी सीखलाना माँ,
सत्य का पाठ पढ़ाना माँ,
जो अकिञ्चन ज्ञान से भटके,
मति का दीप जलाना माँ ।

मैं दर पे तेरे आया माँ,
श्रद्धा सुमन भी लाया माँ,
सुध मेरी बस लेती रहना,
तेरे स्मरण से मन हर्षाया माँ ।

माँ कलम मेरी न थमने देना,
भावों को न जमने देना,
न लेखन में अकुलाऊँ माँ,
काव्य का धार बस बहने देना ।

माँ विनती मेरी स्वीकार कर,
मुझ मूरख का उद्धार कर,
कृपा-दृष्टि रखना सदैव,
निज शरण में अंगीकार कर ।

जय माँ शारदे ।
Read More...

रुश्दी घटिया और दोयम दर्जे के लेखक: काटजू

salman-rushdie.jpg

सलमान रश्दी
नई दिल्ली।। भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने बुधवार को कहा कि सलमान रुश्दी घटिया और दोयम दर्जे के लेखक हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विवादस्पद किताब 'सैटेनिक वर्सेज' से पहले उन्हें बहुत कम लोग जानते थे।

कुछ समय पहले तक सुप्रीम के जस्टिस रहे काटजू ने भारत में जन्मे और ब्रिटेन में रहने वाले रुश्दी के प्रशंसकों की आलोचना की। काटजू ने कहा कि वे औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त है इसलिए विदेश में रहने वाले हर लेखक को महान मान लेते हैं।

भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि मैंने रुश्दी की कुछ पुस्तकें पढ़ी हैं और मेरा मानना है कि वह एक घटिया लेखक हैं और सैटेनिक वर्सेज से पहले उन्हें कम ही लोग जानते थे।

उन्होंने कहा कि यहां तक 'मिडनाइट्स चिल्ड्रन' को भी महान साहित्य कहना मुश्किल है। काटजू ने कहा कि समस्या यह है कि आज भारत के शिक्षित लोग औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त हैं। इसीलिए ऐसा है कि जो भी लंदन या न्यू यॉर्क में रहता है, वह महान लेखक हो जाता है, जबकि भारत में रहने वाले लेखक निम्न स्तर के माने जाते रहते हैं।
Source : http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/11629754.cms
Read More...

हमदर्दी के जज़्बात से ख़ाली होकर कविताएं गाने का मतलब क्या रह जाता है ?

विधवा समस्या इस बार की मीट का ख़ास टॉपिक था। वृंदावन में बहुत सी विधवाएं रहती हैं। जो निर्धन विधवाएं हैं, उनके मरने पर उनके शरीर को स्वीपर छोटे छोट पीस में काटकर थैलियों में भरकर फेंक देते हैं।
अंतिम संस्कार क्यों नहीं हो पाता इन विधवाओं का ?
और इससे भी बढ़कर यह कि उन्हें विधवा रहने पर मजबूर कौन करता है ?
अगर उनके सामने विवाह का विकल्प हो तो क्या वे विधवा रहकर कीर्तन करते रहना पसंद करेंगी ?
लेकिन बात यह है कि समाज में तो कुंवारियों को ही वर मिलने मुश्किल हो रहे हैं फिर विधवा को स्वीकारेगा कौन ?
वह कौन सी विचारधारा है जो विधवा के विवाह को प्रमुखता देती है ?


वह कौन सी विचारधारा है जिसके आदर्श पुरूषों ने विधवाओं से विवाह किया है , इस पर ग़ौरो फ़िक्र ज़माने की ज़रूरत है लेकिन किया किसी ने भी नहीं।
कहीं से किसी ने नहीं बताया कि इसका हल क्या है ?
ब्लागर मीट कहीं जंगल में रख लो तो मंगल मनाने हंसने बतियाने वहां पहुंच जाएंगे सब के सब और वृंदावन में बदहाल विधवाओं की चिंता न किसी दक्खनपंथी को है और न किसी मक्खनपंथी को।
हमदर्दी के जज़्बात से ख़ाली होकर कविताएं गाने का मतलब क्या रह जाता है ?
बस हरेक अपनी आज़ादी और अपनी सहूलत का ख़याल रख रहा है और बस ख़ुद के लिए पाना चाहता है।
दूसरों के लिए सोचना जब आएगा तब ब्लागर सच में इंसान कहलाएगा।
सही सोच का यही नक्शा पेश किया था पिछली ब्लागर मीट वीकली में
और अब तो नई मीट का दिन भी आ पहुंचा है।
ब्लॉगर्स मीट वीकली (26) Dargah Shaikh Saleem Chishti
Read More...

राजनीति

चुनावी दंगल में डान

उत्तर प्रदेश का चन्दौली जनपद धान का कटोरा माना जाता था मगर राजनैतिक व प्रशासनिक उपेक्षा के चलते किसानों के कटोरे से धान सूख गया है। अब इसकी पहचान नक्सली जनपद के रूप में की जाती है। आखिर हो भी क्यों ना? चकिया व नौगढ़ के जंगलों में नक्सलियों के पदचाप की कोलाहल गाहे-बेगाहे सुनायी देती रही है। किसानों की बदहाली व युवाओं की बेरोजगारी के साथ संसाधनों का आभाव प्रमुख वजह है। अगर राजनैतिक परिदृष्य पर गौर फरमाये नतो चन्दौली पचास से सत्तर के दशक के बीच लोकतांत्रिक राजनीतिक चेतना का गढ़ रहा है। यहां से राजनीति की शुरूवात करने वालों ने प्रदेश की राजनीति व सरकार को जहां नेतृत्व प्रदान किया है वहीं यहां विपक्ष की राजनीति करने वाले राजनीतिज्ञ भी अपनी अलग पहचान रखते थें। चन्दौली से सन् 1952 में अपनी राजनीतिक पारी की शुरूवात करने वाले दो राजनीतिक दिग्गज त्रिभुवन नारायण सिंह व पं0 कमलापति त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेष सरकार की बागडोर सम्भाली। समाजवादी आनदोलन के जनक डा0 राममनोहर लोहिया ने सन् 1957 में चन्दौली से चुनाव लड़े व हार गये बावजूद इसके वे क्षेत्र से अपना सम्बंध बनाए रखे।
वैस तो जनपद में चार विधानसभा सीटें हैं मगर परिसीमन के बाद धानापुर व चन्दौली सदर दो विधानसभा सीटों का वजूद समाप्त हो गया है जिसके बाद सैयदराजा व सकलडीहा दो नये विधानसभा सृजित हुए। अब चकिया सुरक्षित के अलावा मुगलसराय, सैयदराजा व सकलडीहा जनपद की चार विधानसभा सीटें हैं। चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है सूबे में तमाम सियासी पार्टियों का चुनावी अभियान जोर पकड़ता जा रहा है। आज पांच दषक बीतने के बाद नये परिसीमन के साथ जनपद की राजनीति भी बदली सी गयी है। तभी तो सैयदराजा विधानसभा में 2012 में होने जा रहे चुनाव में जहां एक तरफ कानून का रखवाला चुनाव लड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ कानून तोड़ने वाला भी चुनावी समर में ताल ठोंकता नजर आ रहा है।


सत्ता की हनक, विधायक की ठाट बाट और रूतबे को देखकर आज राजा से रंक तक को राजनीति का चस्का लग गया है। फिर जरायम जगत के चर्चित चेहरे सियासत का ताज पहनने से पीछे क्यों रहें? षायद यही वजह है कि जरायम की कालिख को सियासी लिबास में सफेद करने के लिए माफिया डान बृजेश सिंह भी सलाखों के पीछे से विधानसभा पहुंचने की जुगत में है। तभी तो वह चन्दौली के सैयदराजा विधानसभा सीट से प्रगतिषील मानव समाज पार्टी से चुनाव लड़ रहा है। डान के सामने पूर्व डिप्टी एसपी शैलेन्द्र सिंह भी कांग्रेस पर्टी से चुनाव लड़ रहें हैं। विदित हो कि शैलेन्द्र सिंह ने सपा सरकार में एक माफिया का एलएमजी पकड़े जाने वाले मामले में नौकरी छोड़ दी थी। लोगों में यह चर्चा आम है कि यहां मुकाबला कानून का रखवाला बनाम कानून तोड़ने वाले के बीच है। इसके अलावा सपा, बासपा, भाजपा व निर्दल उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं।
सैयदराजा विधानसभा में जातिगत आंकड़े पर गौर फरमाये तो यहां तकरीबन साठ हजार अनुसूचित जाति/जन जाति, पैतालिस हजार यादव, चालीस हजार राजपूत/भूमिहार, पच्चीस हजार मुसलमान, पच्चीस हजार बिन्द/मल्लाह, पन्द्र हजार ब्राहमण समेत अन्य बिरादरी के मतदाता हैं। ऐसे में वर्तमान पूर्व मंत्री व सदर बसपा विधायक शारदा प्रसाद को अपने कैडर वोट व ब्राहमण मतदाताओ का सहारा है तो सपा के रमाशंकर सिंह हिरन को परम्परागत मुस्लिम-यादव गठजोड, कांग्रेस को राहुल के जादू व शैलेन्द्र सिंह का साफ ईमानदार छवि तो भाजपा के हरेन्द्र राय का हंगाई व भ्रश्टाचार मुददा है। सपा के बागी व निर्दल उम्मीदवार मनोज कुमार सिंह डब्लू को यादव/मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन व स्थानीय प्रतिनिधि व क्षेत्र की बदहाली के मुददे का सहारा, बृजेश सिंह को स्वजातीय मतों के अलावा बिन्द/मल्लाह के समर्थन से चुनावी नैया पार लगाने की जुगत में है। स्वाजातीय उम्मीदवारों से घिरे माफिया डान बृजेश सिंह का सियासी सफर आसान नहीं लग रहा है। इसके साथ भतीजे व धानापुर से बसपा विधायक सुशील सिंह की कारकरदगी का भी सामना इनको करना पड़ सकता है। सूत्रों की मानें तो डान का चुनवी कमान उनका साल, पत्नि व खास लोगों के कंधों पर है। इनके लोग कहीं जाति तो कहीं जान बचाने के नाम पर वोट मांग रहे हैं।


एक तरफ जहां क्षेत्र में बिलजी, पानी, सड़क व स्वास्थ सेवाओं की बदहाली तो दूसरी तरफ गंगा कटान में समाती किसानों के मकान व कास्त की जमीने भी चुनाव के प्रमुख मुददें होंगे। बदहाल किसान, बेरोजगार युवा, बदहाल षिक्षा व्यवस्था भी नेताओं के सामने होगा। पांच साल तक उपेक्षित जनता बदलाव के मूड में है। सियासी जानकारों की मानें तो ऐसे में जबर्दस्त सियासी घमास की उम्मीद है। कडाके की ठण्ड में भी सैयदराजा में सियासी पारा गर्म है। चैराहों-चैपालों में जितनी मुंह उतनी बातों का सिलसिला जारी है। आटकलों और आकलनों बाजार गर्म है। सियासी दंगल में उंट किस करवट बैठेगा लोगों में कयासों का दौर जारी है।

एम. अफसर खान सागर
Read More...

ब्लॉगर्स मीट वीकली (27) Frequently Asked Questions






ब्लॉगर्स मीट वीकली (27)
प्रेरणा अर्गल का सलाम और प्रणाम उन सभी ब्लॉगर्स को जो यहां आते हैं.
सार्थक लेखन को सामने लाना इस मीट का एक उद्देश्य है ताकि हिंदी ब्लॉगर्स के चिंतन को सकारात्मक दिशा दी जा सके. मात्र मनोरंजन ही इस फ़ोरम का उददेश्य नहीं है. लोकप्रिय कॉलम में हरेक मीट का उच्च स्थान पाना इसके पाठकों की संख्या का प्रमाण है.

आज सबसे पहले मंच की पोस्ट्स

डा. अनवर जमाल जी की रचनाएं

गांधी जी की अहिंसा पर उठाए सवाल Gandhi


ब्लॉगर्स मीट वीकली (26) Dargah Shaikh Saleem ChishtiGood Morning Dear Friend

देवेन्द्र गौतम जी

अयाज़ अहमद जी की रचना

किसी अच्छे काम के लिए पीसफ़ुल एक्टिविटी करना जिहाद है . True Jihad - Mawlana Wahiduddin खान

मंच के बाहर की पोस्ट

"घूम रहे शैतान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंकजी")

सज्जनता का ओढ़ लबादा,
घूम रहे शैतान!
संकट में है हिन्दुस्तान!

साधना वैदजी की रचना

ओपरा विनफ्रे और हमारा आगरा

कल अमेरिका की मशहूर टी वी होस्ट ओपरा विनफ्रे आगरा आईं ! उन्होंने ताजमहल देखा और उस पर अपने शो के लिये डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई !

सुमन "मीत'"जी की रचना

दर्द

कुछ रोज पहले ही
जिया था मैंने तुझको
अपनी साँसों को कर दिया था
नाम तेरे
वंदनाजी की रचना

कैसा चलन आया ज़माने ये सुनता है घुटती हुई का

फिर भी सांस लेता

चंद्र मौलेश्वर प्रसाद जी की रचना
ये घुटने है या बला!

" इन्सान में बुढ़ापा सबसे पहले घुटनों में ही आता है । इसीलिए :
* ४० + होते होते आपके घुटनों की व्यथा एक्स रेज समझने लगते हैं
महेंद्र श्रीवास्तव जी की रचना

बदबू आती है यूपी की राजनीति से ..

.

चुनाव जीतना है मकसद, तरीका कुछ भी और कैसा भी हो। सच कहूं तो इस समय नेताओं की बातों में इतनी गंदगी भरी हुई है कि इनका नाम भर सुनकर बदबू आने लगती है।
देवेन्द्र गौतमजी की रचना
हाल के वर्षों में बिहार झारखंड के कस्बाईइलाकों की कईप्रतिभाओं ने राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ीउपलब्धियां हासिल करयह साबित किया है किऊंची उड़ान कहीं से भीलगाई जा सकती है.
शालिनी पांडेजी की रचना
दोस्तों! आजकल टीवी के लगभग सभी चैनलों पर किसी न किसी बाबा की उपस्थिति अनिवार्य सी हो गयी है।
सुमनजी की रचना
बहुत बार ऐसा होता है कि, नकारात्मक विचारों से भरा हमारा यह मन अक्सर जीवन में थोड़ी देर के लिये ही सही पर, काफी उथल-पुथल मचा देता है !
अनामिका की सदायें

हमें नींद क्यों आती है? - *हमें नींद क्यों आती है? और ये अधिकतर रात में ही क्यों आती है? * * -अतुल कुमार जरारिया, एमपी * * * वास्तव में इस सवाल ने पुराने जमाने से अब तक वैज्ञानिकों...

Islam and sexual orientation In this, Islam resembles socially conservative interpretations of other Abrahamic religions such as Judaism and Christianity.

दूल्हा बिकता है.....

जातिप्रथा ओर दहेज प्रथा हमारे सस्माज के आदि दुषण है... दूल्हा हमारे यहा बिकते है॥ एसए तो ये प्रथा अब धीरे धीरे ख़तम होने पर है... ओर आने वाले दिनो मे कुछ साल पासचात देशसे खत्मा होगी ये आशावाद ग़लत नही.. दहेज प्रथा के खिलाफ हमारा पुराना अभियान है...
<span title=Writer : चौला कुरुवा
पवित्र प्रेम ही सारी समस्याओं का एकमात्र हल है Divine Love - चरम सुख के शीर्ष पर औरत का प्राकृतिक अधिकार है और उसे यह उपलब्ध कराना उसके पति की नैतिक और धार्मिक ज़िम्मेदारी है. प्रेम को पवित्र होना चाहिए और प्रेम त्याग भ...

'Love Jihad' उर्फ़ नाच न जाने आंगन टेढ़ा

डा. दिव्या श्रीवास्तव उर्फ़ ZEAL: लव-जेहाद के जवाब में
लव जिहाद का चर्चा फिर उठाया जा रहा है और इसके नाम पर इस्लाम और मुसलमान को बदनाम किया जा रहा है.
ऐसे भी हैं जो उनसे ऊपर होकर ख़ुद अपनी शादी कर लेते हैं या फिर लिव इन रिलेशन में रहने लगते हैं।
क्या दूसरे समुदाय के लड़के और लड़कियों को ‘लिव इन रिलेशन‘ में रहने की प्रेरणा भी मुसलमान युवक ही देते हैं ?
इसमें इस्लाम और जिहाद कहां से आ गया ?
इस्लाम तो यह कहता है कि अजनबी औरत मर्द तन्हाई में आपस में इकठ्ठे ही न हों कि जज़्बात में उबाल आए और क़दम बहक जाएं.

जिहाद का मतलब क्या है और जन्नत का हक़दार कौन है ? Jihad and Jannat

Dr. Anwer Jamal with Maulana Wahiduddin Khan
जो अपने आपको पाक करता है। उसके लिए जन्नत है। जितनी भी नेगेटिव थिंकिंग्स हैं, उनसे ख़ुद को पाक करना है। नफ़रत, हसद और ग़ुस्से से ख़ुद को पाक करना है।

एक Interview तेजेन्द्र शर्मा से


तेजेन्द्र शर्मा ब्रिटेन में हिदी के महत्वपूर्ण रचनाकार हैं। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी तेजेन्द्र शर्मा का प्रीत अरोड़ा द्वारा लिया Interview

नाबालिग लड़की के साथ रेप Father arrested


विशेष संवाददाता ।। नई दिल्ली साउथ दिल्ली के सरोजनी नगर थाना इलाके में 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ

12 लोगों को फांसी दी गई ईरान में Punishment for rape in Islam



तेहरान।। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि दक्षिणी शहर शीराज में 12 लोगों को फांसी दी गई है। समाचार एजेंसी महर के मुताबिक फांसी
मुशायरा ब्लॉग पर

बहार हो कि खिज़ां मुस्कुराए जाते हैं Bahaar


बहार हो कि खिज़ां मुस्कुराए जाते हैं,
हयात हम तेरा एहसाँ उठाए जाते हैं |
सुलगती रेत हो बारिश हो या हवाएं हों,
ये बच्चे फिर भ़ी घरौंदे बनाए जाते हैं |

आम बीमारी, खास इलाज - [image: woman] *यूटराइन फाइब्रॉइड महिलाओं के यूटरस से जुड़ी बीमारी है* यूटराइन फाइब्रॉइड महिलाओं के यूटरस से जुड़ी बीमारी है। यह एक तरह का गैर कैंसरस ट्यूम...

हिन्दू मुस्लिम की यह नफरत चुनाव में ही क्यूँ फेलाती है पार्टी और पार्टी के लोग ..दोस्तों देश में अमन विकास अगर चाहिए तो नफरत फेलाने वालों को नंगा करो - दोस्तों पांच राज्यों में चुनाव प्रचार चल रहा है ..संविधान के धर्मनिरपेक्ष और राष्ट्रीयता का दम भरने वाले सियासी लोगों ने देश को हिन्दू मुस्लिम सिक्ख दलित औ...

आधुनिक महिला और इस्लाम- 1

नकीबुल हक

Video Stream

Maulana has been addressing individuals, for decades, to re-engineer their minds and begin the process of constructing a positive personality in them। Presently his addressals are held on a weekly basis at the Centre with an interactive session on Saturdays and Sundays.
हमने मौलाना वहीदुददीन ख़ान साहब का लेक्चर (15 जनवरी 2012) सुना तो हमने सोचा कि मौलाना के विचार नियमित रूप से हिंदी ब्लॉगर्स और हिंदी नेट यूज़र्स के सामने भी आने चाहिएं सो हमने उनका एक हिंदी ब्लॉग बना दिया है जो कि आपको सप्रेम भेंट है, देखिए
अल-रिसाला हिंदी
शांति और रूहानियत की उपलब्धि के लिए

A spiritual gift for you

और इसी के साथ इंसान को जिन सवालों की वजह से परेशान रहता है उन सबका जवाब भी वह पा सकता है उनकी वेबसाइट पर देखिए

Frequently Asked Questions


मौलाना अपनी बुढ़ापे की उम्र में भी इसी शांति और रूहानियत का संदेश लेकर पूरब से लेकर पश्चिम तक घूम रहे हैं, जो लोग दिल्ली या उसके आस पास रहते हैं वे मौलाना वहीदुददीन ख़ान साहब को रू ब रू सुनने की ख़ुशक़िस्मती पा सकते हैं उनके सेंटर पर जिसका पता है सीपीएस इंटरनेशनल 1 निज़ामुददीन वेस्ट नई दिल्ली 110013 एक फ़ोन नंबर भी है जिस पर आप उनके कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं- 01124357333

कैसी
लगी आपको आज की हमारी ख़ास पेशकश ?

शुभकामनाओं के साथ
अनवर जमाल
Read More...

किसी अच्छे काम के लिए पीसफ़ुल एक्टिविटी करना जिहाद है . True Jihad - Mawlana Wahiduddin Khan

Dr. Ayaz Ahmad  with Maulana Wahiduddin Khan
 मौलाना साहब से मिलने के लिए और उनका लेक्चर सुनने के लिए निज़ामुद्दीन , नई दिल्ली गए थे। हमारे साथ अनस ख़ान और डा. अयाज़ अहमद भी थे। अब उनके बायीं तरफ़ भाई रजत मल्होत्रा जी आकर बैठ गए। लोगों ने एक स्लिप पर अपने सवाल लिखकर पूछने शुरू कर दिए और रजत भाई की गोद में रखे हुए लैपटॉप दुनिया के अलग अलग मुल्कों से सवाल और कॉम्पलीमेंट्स आने लगे।
एक सवाल जिहाद के बारे में आया।
मौलाना ने कहा कि जिहाद के माअना कोशिश के हैं। किसी अच्छे काम के लिए पीसफ़ुल एक्टिविटी करना जिहाद है।
जिहाद का मतलब क़िताल (युद्ध) नहीं है। क़ुरआन में आया है कि ‘ व-जाहिद बिहिम जिहादन कबीरा‘ यानि ‘और इस (क़ुरआन) के ज़रिये से उनके साथ जिहाद ए कबीर करो।
क़ुरआन कोई हथियार नहीं है। क़ुरआन कोई तलवार या बम नहीं है।
इस बारे में आप हमारी दो किताबें देखें,
1. ट्रू जिहाद
2. प्रॉफ़ेट ऑफ़ पीस
मौलाना की किताब ‘प्रॉफ़ेट ऑफ़ पीस‘ को पेंग्विन ने पब्लिश किया है।

एक सवाल आया कि कुछ लोग फ़िक्री ताक़त को कम और असलहे की ताक़त को ज़्यादा समझते हैं। क्या यह सही है ?
मौलाना ने फ़रमाया कि यह ग़लत बात है। असलहे की ताक़त से बड़ी कामयाबी मिलने की कोई मिसाल तारीख़ (इतिहास) में नहीं है। रूस अफ़ग़ानिस्तान में और अमेरिका इराक़ में नाकाम हुआ।
पीसफ़ुल एक्टिविटी का तरीक़ा अख्तियार करना फ़िक्री ताक़त का इस्तेमाल करना है।
एक है पीसफ़ुल एक्टिविज़्म और दूसरा है वॉयलेंट एक्टिविज़्म।
1857 में आज़ादी के लिए वॉयलेंट एक्टिविटी की गई लेकिन आज़ादी नहीं मिली जबकि महात्मा गांधी ने 1947 में पीसफ़ुल एक्टिविटी की और आज़ादी मिल गई।
तशद्दुद (हिंसा) सें मक़सद हासिल नहीं होता बल्कि बात और बिगड़ जाती है।
फ़िक्र की ताक़त को इस्तेमाल करने का मतलब है नज़रिये की ताक़त को इस्तेमाल करना।

सैटेनिक वर्सेज़ के बारे में एक सवाल आया कि इस्लमी तारीख़ में इसका क्या मक़ाम है ?
मौलाना ने कहा कि इस्लामी तारीख़ में सैटेनिक वर्सेज़ का कोई मक़ाम ही नहीं है। ख़ुशवंत सिंह ने जब इसे पढ़ा था तो उन्होंने इसके प्लॉट को रद्दी क़रार दिया था। यह फ़ेल हो जाएगा लेकिन मुसलमानों ने इसे लेकर शोर मचाया तो इसकी ख़ूब सेल हुई।

जन्नत के बारे में किसी भाई ने नेट के ज़रिये दरयाफ़त किया कि मौलाना जन्नत पाने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?
मौलाना ने सूरा ए ताहा की 76 वीं आयत पढ़ी ‘व-ज़ालिका जज़ाऊ मन तज़क्का‘ यानि यह बदला है उस शख्स का जो पाकीज़गी (पवित्रता) अख्तियार करे।
जो अपने आपको पाक करता है। उसके लिए जन्नत है। जितनी भी नेगेटिव थिंकिंग्स हैं, उनसे ख़ुद को पाक करना है। नफ़रत, हसद और ग़ुस्से से ख़ुद को पाक करना है।
मुकम्मल तफसील के लिए देखें -
Read More...

Read Qur'an in Hindi

Read Qur'an in Hindi
Translation

Followers

Wievers

join india

गर्मियों की छुट्टियां

अनवर भाई आपकी गर्मियों की छुट्टियों की दास्तान पढ़ कर हमें आपकी किस्मत से रश्क हो रहा है...ऐसे बचपन का सपना तो हर बच्चा देखता है लेकिन उसके सच होने का नसीब आप जैसे किसी किसी को ही होता है...बहुत दिलचस्प वाकये बयां किये हैं आपने...मजा आ गया. - नीरज गोस्वामी

Check Page Rank of your blog

This page rank checking tool is powered by Page Rank Checker service

Promote Your Blog

Hindu Rituals and Practices

Technical Help

हिन्दी लिखने के लिए

Transliteration by Microsoft

Host

Host
Prerna Argal, Host : Bloggers' Meet Weekly, प्रत्येक सोमवार
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Popular Posts Weekly

Popular Posts

हिंदी ब्लॉगिंग गाइड Hindi Blogging Guide

हिंदी ब्लॉगिंग गाइड Hindi Blogging Guide
नए ब्लॉगर मैदान में आएंगे तो हिंदी ब्लॉगिंग को एक नई ऊर्जा मिलेगी।
Powered by Blogger.
 
Copyright (c) 2010 प्यारी माँ. All rights reserved.