कवि व्यभिचारी चोर -सुधीश पचौरी, हिंदी साहित्यकार

Posted on
  • Sunday, July 29, 2012
  • by
  • DR. ANWER JAMAL
  • in
  • एक दिन एक कवि ने शिकायत की कि आप हिंदी के लेखकों को ही क्यों ठोकते हैं? अन्य भाषाओं वाले पढ़ते होंगे, तो क्या सोचते होंगे?’
    ‘न ठोकता, तो तुम क्या यह सवाल करते? इस पर भी न हंसूं, तो क्या करूं? मैं तो हर बार अपने ऊपर ही हंसता हूं।’
    ‘जो हास्यास्पद हैं, उन पर हंसें। बाकी पर क्यों? इतने बड़े और महान लेखक हैं और आप उनकी महानता में सुई चुभाते रहते हैं!’
    ‘हमारे उत्तर-आधुनिक शब्दकोश में ‘महान’ शब्द ‘संदिग्ध’ है। महानता अनेक तुच्छताओं से गढ़ी जाती है। और साथी हिंदी में ऐसा कौन है, जो हास्यास्पद नहीं है? मैं खुद भी उपहासास्पद हूं। लोग मुझे पचौरी की जगह ‘कचौरी’ बोलते हैं। कई तो कहते हैं :उसे कचौरी की तरह खा जाऊंगा..। मैं डरा रहता हूं कि कहीं सचमुच खा गया, तो मेरे बीवी-बच्चों का क्या होगा?’
    वह हंसकर बोले: ‘पचौरी की तुक तो कचौरी ही है। इसमें क्या गलत है?’
    ‘काश! मेरा नाम कचौरी होता। नाम लेते ही मुंह में पानी आता। आप भी नाश्ता कर सकते।’
    ‘जब आप ही एब्सर्ड बनाएंगे, तो हिंदी वालों की इज्जत कौन करेगा? आप गंभीरता के दुश्मन हैं। कई सीनियर कवि नाराज हैं।’
    गंभीरता की बात न करें श्रीमान! सारे गंभीरों को जानता हूं। सब ‘नॉन सीरियस’ हैं। कविवर केशवदास ने कवियों को किस कैटेगरी में रखा है? ‘व्यभिचारी और चोर’ की कोटि में-
    चरन धरत चिंता करत, भावत नींद न भोर।
    सुबरन को खोजत फिरत कवि व्यभिचारी चोर।
    ‘ये ‘सुबरन’ क्या है?’ 
    ‘कभी हिंदी की क्लास अंटेंड की है? साहित्यशास्त्र पढ़ा? काव्य परंपरा जानी? ‘सुबरन’ के तीन अर्थ हैं : कवि ‘सुंदर वर्ण यानी सही शब्द’ खोजता-फिरता है। व्यभिचारी ‘सुवर्णा नारी’ को खोजता फिरता है। चोर ‘स्वर्ण’ खोजता फिरता है। समझे?’ मैंने पूछा
    वह बोले: ‘कवि तो ‘क्रांति का हिरावल दस्ता’ होता है। उसे ‘व्यभिचारी और चोर’ के साथ रखना ‘क्रांति द्रोह’ के बराबर है। आखिर यह केशव कौन है, जो साहित्य में ऐसी बदतमीजी करता है?’
    ‘केशव हिंदी के काव्य चैंपियन माने जाते हैं-कविता का ओलंपिक होता, तो इस दरिद्र भारत को अकेले कई स्वर्ण दिला देते- एक ‘सुबरन’ से तीनों के ‘कॉमन लक्षण’ बता दिए!’
    ‘लेकिन कवि व्यभिचारी तो कतई नहीं कहे जा सकते।’
    ‘केशव के पैमाने से व्यभिचारी भी लगते हैं? आप एक नाम लीजिए- ऊपरी चाकचिक्य में अंदर की बातें छिपा जाते हैं। हमारा मुंह न खुलवाओ!’
    ‘डरते हैं? बताइए न!’
    हमने कहा: हाल ही की बात है। स्त्रीवाद विषयक सेमिनार में जब एक प्रगतिशील वक्ता ने कहा कि ऐसी प्रगतिशीलता और स्त्रीवाद किस काम का, जो एक बीवी गांव में रिजर्व छोड़ दे और दूसरी को दिल्ली में आकर बीवी बना ले? ऐसा कहते ही सेमिनार में ठहाका लगा, जिसके नतीजे में एक साहित्यकार बहिर्गमन कर गया। क्या आप अब भी कहेंगे कि महाकवि केशव ने कवि को ‘व्यभिचारी और चोर’ की संगत में क्यों रखा है?’
    इतना सुनते ही कवि जी केशव को और हमें गाली देते हुए निकल गए। कहा : देख लूंगा। केशव की कविता सुनाई, तो धमकी मिली। अकबर इलाहाबादी को सुनाएंगे, तो क्या तोप मुकाबिल होगी?
    Source : http://www.livehindustan.com/news/editorial/guestcolumn/article1-story-57-62-246281.html
    दैनिक हिन्दुस्तान दिनांक 29-7-2012 पृष्ठ संख्या 14

    4 comments:

    शालिनी कौशिक said...

    !..बहुत सार्थक प्रस्तुति. रफ़्तार जिंदगी में सदा चलके पायेंगेंऔर देखें मोहपाश को छोड़ सही रास्ता दिखाएँ

    शिखा कौशिक said...

    very nice post .thanks .
    THIS IS MISSION LONDON OLYMPIC
    INDIAN WOMAN

    Dr. Ayaz Ahmad said...

    सार्थक प्रस्तुति.

    Dr.R.Ramkumar said...

    बहुत भुत धन्यवाद!
    सुवर्ण मेरी भी कमजोरी है। इसी के चक्कर में दींन दुनिया से गया। परिवार और कुटुंब और साथ के लोग
    तिजोरी फ्त्जोरी भर दे ऐसे जॉब में लग गए, मैं सुवर्ण के लिए बौराता रहा।
    इक पाए इक खाए बौराए तक बात नहीं ठहरती, इक खोजे बौरेराये तक भी जाती है।
    मेरी बात हो गयी।
    पहली पंक्ति यद् नहीं आ रही थी। आपके लेख में मिल गयी, धन्यवाद।
    यहाँ भी विहार करे..

    http://drramkumarramarya.blogspot.com,

    टी
    ही टी

    Read Qur'an in Hindi

    Read Qur'an in Hindi
    Translation

    Followers

    Wievers

    Gadget

    This content is not yet available over encrypted connections.

    गर्मियों की छुट्टियां

    अनवर भाई आपकी गर्मियों की छुट्टियों की दास्तान पढ़ कर हमें आपकी किस्मत से रश्क हो रहा है...ऐसे बचपन का सपना तो हर बच्चा देखता है लेकिन उसके सच होने का नसीब आप जैसे किसी किसी को ही होता है...बहुत दिलचस्प वाकये बयां किये हैं आपने...मजा आ गया. - नीरज गोस्वामी

    Check Page Rank of your blog

    This page rank checking tool is powered by Page Rank Checker service

    Hindu Rituals and Practices

    Technical Help

    • - कहीं भी अपनी भाषा में टंकण (Typing) करें - Google Input Toolsप्रयोगकर्ता को मात्र अंग्रेजी वर्णों में लिखना है जिसप्रकार से वह शब्द बोला जाता है और गूगल इन...
      5 years ago

    हिन्दी लिखने के लिए

    Transliteration by Microsoft

    Host

    Host
    Prerna Argal, Host : Bloggers' Meet Weekly, प्रत्येक सोमवार
    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

    Popular Posts Weekly

    Popular Posts

    हिंदी ब्लॉगिंग गाइड Hindi Blogging Guide

    हिंदी ब्लॉगिंग गाइड Hindi Blogging Guide
    नए ब्लॉगर मैदान में आएंगे तो हिंदी ब्लॉगिंग को एक नई ऊर्जा मिलेगी।
    Powered by Blogger.
     
    Copyright (c) 2010 प्यारी माँ. All rights reserved.