ब्लॉगर्स मीट वीकली (28)
सबसे पहले ब्लॉगर साथियों को प्रेरणा अर्गल का प्रणाम और सलाम /आप सभी साथियों का आज की ब्लॉगर्स मीट वीकली में स्वागत है /आप आइये और अपने विचारों से हमें अवगत करिए /
| आज सबसे पहले मंच की पोस्ट्स |
अनवर जमाल जी की रचनाएँ |
अयाज अहमद जी की रचनाहमदर्दी के जज़्बात से ख़ाली होकर कविताएं गाने का मतलब क्या रह जाता है ?विधवा समस्या इस बार की मीट का ख़ास टॉपिकथा। वृंदावन में बहुत सीविधवाएं रहती हैं। जोनिर्धन विधवाएं हैं, उनकेमरने पर उनके शरीर कोस्वीपर छोटे छोट पीस मेंकाटकर थैलियों मेंभरकर फेंक देते हैं।अंतिम संस्कार क्यों नहीं हो पाता इन विधवाओं का ?अफसर पठान जी की रचनाप्रदीप कुमार सहनीजी की रचना प्रदीप कुमार साहनीजी की रचनाहे ज्ञान की देवी शारदे(मेरे ब्लॉग "मेरी कविता" पर ये सौवीं पोस्ट माता शारदे को समर्पित है । मुझे इस बात से अत्यंत हर्ष हो रहा है कि आज के ही शुभ दिन यह सुअवसर आया है जिस दिन सारा देश माँ की पूजा-अर्चना में लीन होगा ।) |
मंच के बाहर की पोस्टगाय के साथ मुसीबत भी मुफ्त मेंज्ञानपीठ से प्रकाशित अज्ञेय की एक किताब है, 'एक बूंद सहसा उछली।' इसमें यूरोप के यात्रा-वृत्तांत हैं।... अज्ञेय आगे लिखते हैं, 'ठीक ही तो है। जहां मनुष्य गाय को नहीं खाता, वहां गाय मनुष्य को खाती है- और मनुष्य अच्छा भोजन नहीं है इसलिए उसको खाकर भी भूखी रह जाती है। ... गोधन का संवर्द्धन तो तभी हो सकता है जब हम उसे धन मानें; अर्थात भावना को एक ओर रखकर उसे आर्थिक नियमों के अधीन मान लें। माताओं की वृद्धि नहीं की जाती, न सुधार होता है और माताओं की नस्ल के बारे में कुछ कहना तो निरा दुर्विनय है!' दिनेशराय द्विवेदी जी बालक की अभिरक्षा के निर्णय में उस का हित सर्वोपरिसर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि पिता के प्राकृतिक संरक्षक होते हुए भी बालक के हितों को देखते हुए न्यायालय किसी अन्य व्यक्ति को संरक्षक नियुक्त कर सकता है। स्वामी चंदरमोलीभ्रूण हत्या हिन्दुओ मे ही क्यो ?हमारे कुछ नेताओ ने हिंदू मुस्लिम मे नफ़रत पैदा करने के लिए इन पर रोक लगाई है,भगवान कृशन की राधा उनके ताऊ व्रषभानु की बेटी थी,कृशन ने अपनी बहन सुभद्रा की शादी अपनी बुआ कुंती के लड़के अर्जुन से की,भगवान महावीर की पत्नी उनके मामा की बेटी थी,भगवान बुद्ध की पत्नी,उनकी मोसी की बेटी थी,सम्राट अशोक की पत्नी मोसी की बेटी थी,पर्थ्वी राज चौहान की पत्नी उनके सग़ी मोसी के बेटे जैचंद की बेटी है,आज भी दक्षिण भारत के हिंदू मामा बुआ मे ही शादी करते है,इसलिए भ्रूण हत्या नही है वैदिक धर्म को अपनाने से हम इस महा पाप से मुक्त हो सकते है . नाथूराम गोडसे को नमस्कारपंचनामा ब्लॉग पर संगीता जी देख रही हैं अश्क गाँधी केदेखे थे कई ख़्वाब उसने हिन्दुस्तान के वास्ते ,सोचा न था कि दायरों में सिमट जाएगा इंसान का वजूद ...... रंग बिरंगी एकता हम होंगे कामयाब! - डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग, को जन्मदिन की शुभकामनाएं! गाँधी जी जिनके प्रेरणास्रोत थे… सुधिनामा ब्लॉग पर साधना वैद जी ने लिखा है साँझ के उतरने के साथ ही ..., मैं अपने मन की गहराइयों में नीचेऔर नीचे उतरती ही जाती हूँ !आशा जी की अनुभूति यह है कि कुछ शब्दों को स्वर नहीं मिलते चुनाव में ईमानदारी ... ना बाबा नामीनाक्षी पंतजी की रचना हर बज्म में बैठे और खुदको साबित भी कर लिया | "ज़िन्दग़ी में बड़े झमेले हैं" ( डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंकजी")ज़िन्दग़ी में बड़े झमेले हैं तन्त्र से लोक का नहीं नाता हर जगह दासता के मेले हैंऋतुराज बसंतमहेश्वरी कनेरी जी की प्रस्तुतिराजेश कुमारी जी भी कह रही हैंआयो रे वसंतधामक -धूमक कर आयो रे वसंत धन्य -धरित्री महकायो रे वसंत! घूम रहे अलि-अलि झूम रही कलि -कलि पुहुप -पुहुप मुस्कायो रे वसंत ! धामक -धूमक कर आयो रे वसंत! महेंद्र श्रीवास्तव जी ताज़ा चुनाव के बारे में बता रहे हैं “ जब शाम की दवा यानि दारू मंहगी हो जाए “ तो समझ लेना चाहिएकि सरकार की उल्टीगिनती शुरू हो गई है।वाकई इस बात काग्रामीण अंचलों में असरदेखा जा रहा है। आपयकीन माने यूपी मेंचुनाव के दौरान शराबकी कीमतों में भारीकटौती की गई है। वात रोग लेखक मनुष्य के शरीर का ढांचा मांसपेशियों, हड्डियों, एवं जोड़ों से बना है वात रोग इन्ही जोड़ों का रोग है | वात के अंतर्गत कई प्रकार के रोग आते हैं | रोग की प्रकृति एवं लक्षणों के आधार पर वात रोगों के विभिन्न नाम दिए गए हैं .कुमार राधा रमण जी हस्बे आदत बता रहे हैं स्वास्थ्य सबके लिए मसालों में छिपी है सेहतमसालों की प्रकृति के बारे में सही जानकारी कई बीमारियों को आपसे कोसों दूर भगा सकती है।जनाब दिनेश कुमार गुप्ता ‘रविकर‘ जी ने चर्चामंच पर एक लाजवाब चर्चा पेश की है ![]() |
ब्लॉग की ख़बरें परमहिला के शरीर में दो जननांग, पॉर्न इंडस्ट्री से ऑफरसौजन्य- द सन लंदन।। ब्रिटेन में एक 'खास' शारीरिक दोष ने एक महिला को 1 मिलियन डॉलर (करीब 5 करोड़) का ऑफर दिला दिया है। |
चाँदनी भी कहर सा ढाती है - रूपचंद्र शास्त्री मयंक जी जब भी पुरवा बयार आती है ज़िन्दगी खूब खिलखिलाती है जब भी बादल फलक घिरते हैं याद प्रीतम की तब सताती है |
हाथ से खिलाया तो इंडियन पैरंट्स से छीने बच्चे - सौजन्य: एनडीटीवी ओस्लो।। नॉर्व में रहने वाला एक इंडियन कपल वहां के अजीब कायदे कानूनों की वजह से अपने बच्चों से 8 महीनों स... |
प्लीज़ क्रांति न करे कोई No Revolution -लोग अंग्रेज़ो से टकराए तो वे देश से चले गए और आज बहुत से लोग यह कहते हुए मिल जाएंगे कि देश में आज जो असुरक्षा के हालात हैं, ऐसे हालात अंग्रेज़ों के दौर में न थे। कहीं ऐसा न हो कि फिर टकाराया जाए तो देश और गड्ढे में उतर जाए। सो प्लीज़ हरेक आदमी यह भी प्रण करे कि अब हम क्रांति टाइप कोई काम नहीं करेंगे। वेद क़ुरआन ब्लॉग पर तत्व चर्चा वेद क़ुरआन में ईश्वर का स्वरूप God in Ved & Quran शारदा देवी को एक वर्ग ज्ञान की देवी मानता है। आज उसकी पूजा की जा रही है।तत्व की बात तो यह है कि इस सृष्टि का संचालन कोई देवी देवता नहीं कर रहा है बल्कि एक सर्वशक्तिमान ईश्वर ही कर रहा है। ...लै-इ-स कमिस्लिहि शैउन ... अर्थात उसके जैसी कोई चीज़ नहीं है. (पवित्र क़ुरआन, 42,11) न तस्य प्रतिमा अस्ति ... उस परमेश्वर की कोई मूर्ति नहीं बन सकती. (यजुर्वेद, 32,3) |






