किसी भी किताब का या ब्लॉग का हैडर डिज़ायन करना हो तो हमें याद आती है जनाब एजाज़ उल हक़ साहब की। पहले तो वह हमारे साथ ब्लॉगिंग में बहुत सक्रिय थे, इतना ज़्यादा कि हमने उन्हें अपने ब्लॉग ‘वेद क़ुरआन‘ जैसे बिल्कुल निजी ब्लॉग का भी सदस्य बना लिया। इसी बीच उनके एक्सपोर्ट के बिज़नेस को भारी धक्का लगा, फिर उनके एक भाई इस दुनिया से चल बसे और वह दिन भी बस अभी अभी गुज़रा है जबकि वे अपने वालिद साहब के प्रोस्टैट ग्रंथि का आप्रेशन करा रहे थे और आप्रेशन कामयाब भी हो चुका था लेकिन फिर भी वह आप्रेशन टेबल पर ही चल बसे।
इसी उतार चढ़ाव में वह ब्लॉगिंग से कट से गए लेकिन हिंदी ब्लॉगिंग गाइड के टाइटिल के डिज़ायन की ज़िम्मेदारी एक ब्लॉगिंग के एक धुरंधर ने लेकर भी जब हमें टाइटिल तो क्या उसकी ख़बर तक भी न दी तो हमने फिर एजाज़ भाई को याद किया और यह प्यारा सा टाइटिल आ भी गया, महज़ एक-दो दिन में ही।
जनाब देवेन्द्र गौतम साहब (09430574498) से मेरा परिचय बिल्कुल नया है। जनाब के लेख पढ़े और अच्छे लगे तो संपर्क बना। हिंदी ब्लॉगिंग गाइड के लिए हम हरेक नए पुराने ब्लॉगर को आवाज़ लगा ही रहे थे, इसी क्रम में भाई साहब से भी अनुरोध किया और उन्होंने हमारा अनुरोध मान भी लिया और दिए गए विषय पर एक ही दिन बाद हमें लेख भेज दिया।
भाई गौतम साहब का प्रोफ़ाइल देखा तो पाया कि उनके प्रोफ़ाइल को अभी तक 492 लोगों ने ही देखा है लेकिन वह पिछले 30 साल से साहित्य की अनेक विधाओं में लिख रहे हैं।
आज पेश है टाइटिल एजाज़ भाई का और लेख देवेन्द्र भाई का
इसी के साथ एक बार फिर सहयोग चाहते हैं हम हर बहन भाई का
भाई अनवर जमाल साहब !
इसी उतार चढ़ाव में वह ब्लॉगिंग से कट से गए लेकिन हिंदी ब्लॉगिंग गाइड के टाइटिल के डिज़ायन की ज़िम्मेदारी एक ब्लॉगिंग के एक धुरंधर ने लेकर भी जब हमें टाइटिल तो क्या उसकी ख़बर तक भी न दी तो हमने फिर एजाज़ भाई को याद किया और यह प्यारा सा टाइटिल आ भी गया, महज़ एक-दो दिन में ही।
जनाब देवेन्द्र गौतम साहब (09430574498) से मेरा परिचय बिल्कुल नया है। जनाब के लेख पढ़े और अच्छे लगे तो संपर्क बना। हिंदी ब्लॉगिंग गाइड के लिए हम हरेक नए पुराने ब्लॉगर को आवाज़ लगा ही रहे थे, इसी क्रम में भाई साहब से भी अनुरोध किया और उन्होंने हमारा अनुरोध मान भी लिया और दिए गए विषय पर एक ही दिन बाद हमें लेख भेज दिया।
भाई गौतम साहब का प्रोफ़ाइल देखा तो पाया कि उनके प्रोफ़ाइल को अभी तक 492 लोगों ने ही देखा है लेकिन वह पिछले 30 साल से साहित्य की अनेक विधाओं में लिख रहे हैं।
आज पेश है टाइटिल एजाज़ भाई का और लेख देवेन्द्र भाई का
इसी के साथ एक बार फिर सहयोग चाहते हैं हम हर बहन भाई का
भाई अनवर जमाल साहब !
आपके निर्देश के मुताबिक जीमेल अकाउंट बनाने संबंधी लेख भेज रहा हूं. सरल और सरस भाषा में बात रखने की कोशिश की है. इसमें कुछ फेर बदल की ज़रुरत हो तो बताएँगे या फिर अपने स्तर से कर लेंगे. ब्लॉगिंग गाईड उपयोगी बने यह हमारा लक्ष्य है.
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अपना जीमेल अकाउंट बनायें, ब्लॉगिंग की दुनिया की नागरिकता लें
ब्लॉगिंग एक ऐसा मंच है जहां आप बिना किसी खर्च के अपनी बात खुलकर रख सकते हैं और कुछ ही क्षणों में उसे दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचा सकते हैं. खर्च सिर्फ इन्टरनेट के कनेक्शन पर होता है. ब्लॉग बनाने और उसे संचालित करने में कोई खर्च नहीं होता. सबसे बड़ी बात यह है कि आप अपने ब्लॉग के मालिक यानि प्रबंधक, लेखक, संपादक, मुद्रक और प्रकाशक स्वयं होते हैं. आप किस विषय पर क्या लिखेंगे, कैसे अपने ब्लॉग को लोकप्रिय बनायेंगे यह आपका अपना निर्णय होता है. ब्लॉगिंग की दुनिया की बारीकियों के संबंध में इस मीडिया की बुनियाद रखने वाले अनुभवी लोग विस्तार से चर्चा आगे करेंगे. मैं तो सिर्फ आपको इस दुनिया के प्रवेश द्वार तक ले चलूंगा.
ब्लॉगिंग की दुनिया में प्रवेश करने के लिए सबसे पहले अपना ई मेल आईडी बनाना होता है. इसके बाद ही आगे का रास्ता खुलता है. यह बहुत ही सरल प्रक्रिया होती है.आप कुछ ही मिनटों में जीमेल पर अपना अकाउंट खोलकर अपना सफ़र शुरू कर सकते हैं. अकाउंट बनाने के लिए गूगल या जिस भी सर्च इंजन का आप इस्तेमाल करते हों उसपर www.gmail.com सर्च करें. उसमें दाहिनी तरफ आपको दो बॉक्स दिखाई देंगे. नीचे वाले बॉक्स में लिखा होगा Create a account , आप उसे क्लिक कर दें. तुरंत एक फॉर्म नज़र आएगा जिसपर लिखा होगा Create a account , फॉर्म के अंदर लिखा होगा Get started with Gmail. इसके अक्षर भिन्न रंग के होंगे. अब आप फॉर्म को भरना शुरू करें.
- सबसे पहले फर्स्ट नेम और सेकेंड नेम में अपने नाम का पहला और दूसरा हिस्सा भरें. मसलन आपका नाम रमेश कुमार है तो पहले कॉलम में रमेश और दूसरे कॉलम में कुमार भरें.
- इसके बाद डिजायर्ड लॉगिंग नेम में अपना पूरा नाम भरें. आमतौर पर एक नाम के कई व्यक्ति होने के कारण आपके नाम का मेल आईडी मिल पाना कठिन होता है. यदि मिल गया तो आप सौभाग्यशाली हैं.
- इसके ठीक नीचे एक बॉक्स में Check availibility लिखा मिलेगा. आप उसे क्लिक करें. यदि आपके नाम का आईडी ख़ाली होगा तो आपको available लिखा हुआ नज़र आएगा.. बस आप आगे बढ़ जायें. उपलब्ध नहीं होने पर आपके नाम से मिलते जुलते कई विकल्प आपके सामने रख देगा. आप उनमें से जिसे क्लिक कर देंगे वह आपके मेल आईडी के लिए स्वीकृत हो जायेगा. आईडी चुनने में यह सावधानी बरतनी चाहिए कि वह आसानी से याद रह जाने वाला और कम अक्षरों वाला होना चाहिए.
- अब आपको अपना पासवर्ड चुनने को कहा जायेगा. आप ऐसा पासवर्ड चुनें जो आपको आसानी से याद रह सके. लेकिन दूसरे उसका अनुमान नहीं लगा सकें. यह गोपनीय रखा जाता है. यह पासवर्ड ही आपके ब्लॉग के ख़ज़ाने की गुप्त चाभी का काम करेगा. खुल जा सिमसिम की तरह. अगले कॉलम में पासवर्ड को दुबारा डालने को कहा गया है. आप अपना पासवर्ड दोबारा लिख दें.
- इसके बाद Security question का कॉलम आएगा. आप अपनी पसंद का सवाल चुनकर उसका जवाब दर्ज कर दें. लेकिन ध्यान रहे वह सवाल और अपना जवाब आपको याद रहना चाहिए क्योंकि इत्तेफाक से यदि कभी आप अलीबाबा के भाई क़ासिम की तरह गुफा के द्वार का कोडवर्ड भूल गए तो यही आपके लिए नई चाबी उपलब्ध कराएगा.इसके बाद Recovery email पूछा गया है. आप अपना पहला अकाउंट बना रहे हैं तो जाहिर है कि यह आपके पास नहीं होगा. बाद में आप एक और मेल आईडी बनाकर एक दूसरे का रिकवरी इमेल बना सकते हैं. फिलहाल इसे रिक्त छोड़ दें.
- इसके बाद Location पूछा गया है. आप उसके तीर के निशान को क्लिक कर वहां इंडिया भर दें.
- इसके ठीक नीचे वर्ड वेरिफिकेशन का कॉलम है. आप ऊपर दिए टेढ़े-मेढ़े अक्षरों को ध्यान से देखें और बॉक्स के अन्दर भर दें.
- उसके नीचे Terms of service लिखा है. स्क्रोल कर उसे पढ़ लें. सबसे नीचे बॉक्स में I accept, Create my account लिखा है. उसे क्लिक कर दें. आपका मेल आईडी फ़ाइनल करने के पहले हो सकता है आपका कॉन्टेक्ट नम्बर मांगा जाये. इसके बाद एसएमएस के ज़रिये आपको गूगल वेरिफ़िकेशन नम्बर आएगा. उसे भर दें..बस आपका जीमेल अकाउंट खुल गया अब आप ई-मेल भेज और प्राप्त कर सकते हैं.
आपका जीमेल अकाउंट इन्टरनेट की दुनिया के प्लेटफार्म की तरह है. अब आप अपना ब्लॉग बना सकते हैं. वेबसाइट, वेब मैगज़ीन, वेब पोर्टल कुछ भी शुरू कर सकते हैं. समझ लीजिये कि आपको वर्चुअल दुनिया की नागरिकता प्राप्त हो गयी.
-देवेंद्र गौतम
