मिडिया से जुड़े ब्लोगर संजीव भाई को जन्म दिन बहुत बहुत मुबारक हो
एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया..
मुस्कुरा कर कहा उसने एक बार जो,
सुनते ही दिल मेरा बाग-बाग हो गया.
कोई और चाह न रही मन में,
एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया.
भूली कितना गम सहा मेरे मन ने,
शब्द सुनते ही यहाँ दिल रम गया.
कोई और चाह न रही मन में,
एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया.
हमने चाहा उनसे मिलकर कुछ कहें,
पास उनके जिंदगी भर हम रहें.
सोचते ही सोचते दिल थम गया,
एक उसी लम्हे का ख्याल रह गया.
साभार गूगल
शालिनी कौशिक
नाटो हमले में 15 आम नागरिक निशाना बने
लीबिया में शासक मुअम्मर गद्दफी की समर्थक सेना को निशाना बनाने की कोशिश में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के विमानों का निशाना आज लगातार दूसरे दिन भी चूक गया जिसमें कम से कम 15 नागरिक मारे गये। लीबियाई सरकार के प्रवक्ता मूसा इब्राहीम ने बताया कि राजधानी त्रिपोली के पश्चिम में स्थित सारेमान शहर में सुबह के समय नाटो विमानों ने बमबारी की जिसमें तीन बच्चो समेत 15 नागरिक मारे गये1 उन्होंने नाटो हमले में नागरिकों के मारे जाने को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि अब आम लोगों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
रिहायशी इलाका हमले की जद में आया
यह लगातार दूसरा दिन है जब नाटो विमान का निशाना चूका है और किसी सैन्य ठिकाने के बजाय रिहायशी इलाका उसके हमले की जद में आया है। कल तडके भी त्रिपोली पर किये गये नाटो हमले में कम से कम नौ नागरिक मारे गये थे और 15 अन्य घायल हो गये थे। नाटो ने कल के हमले में आम लोगों के मारे जाने की बात कुबूलते हुए इसके लिए खेद व्यक्त किया है। नाटो प्रवक्ता ने कहा कि विमान में लगे हथियार मारक प्रणाली में कुछ तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हो गया। हालांकि आज की घटना के बारे में नाटो की अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
रिहायशी इलाका हमले की जद में आया
यह लगातार दूसरा दिन है जब नाटो विमान का निशाना चूका है और किसी सैन्य ठिकाने के बजाय रिहायशी इलाका उसके हमले की जद में आया है। कल तडके भी त्रिपोली पर किये गये नाटो हमले में कम से कम नौ नागरिक मारे गये थे और 15 अन्य घायल हो गये थे। नाटो ने कल के हमले में आम लोगों के मारे जाने की बात कुबूलते हुए इसके लिए खेद व्यक्त किया है। नाटो प्रवक्ता ने कहा कि विमान में लगे हथियार मारक प्रणाली में कुछ तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हो गया। हालांकि आज की घटना के बारे में नाटो की अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
एक सोच और एक सुझाव
जब से मैं इस ब्लॉग्गिंग की दुनिया में आया हूँ, तब से मैंने पाया है कि लगभग हर प्रदेश या शहर विशेष के चंद चिट्ठाकारों (Bloggers) ने मिल कर एक ब्लॉग असोसिएशन बना लिया या फिर किसी स्थान विशेष पर निश्चित समय पर पहुँच के एक छोटी सी संगोष्ठी या सम्मलेन का आयोजन कर डाला. सम्मलेन में कुछ लोगों को उनके हिंदी ब्लॉग्गिंग क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए कुछ पुरुस्कार भी दिए गए और फिर हिंदी ब्लॉग्गिंग के सुन्दर भविष्य पर थोड़ा चिंतन व मनन के पश्चात् उस समारोह का सारा सारांश समाचार के रूप में चित्रों समेत किसी ब्लॉग विशेष पे सजा दिया जाता है. डरिये मत, मैं ऐसे किसी भी समारोह या असोसिएशन के खिलाफ नहीं हूँ, बल्कि मैं यह बताना चाहता हूँ कि इस साहित्य जगत में एक शहर ऐसा भी है जहां से साहित्य के अनमोल हीरे निकले और उन्होंने हिंदी साहित्य को गगनचुम्बी ऊंचाइयों तक पहुँचाया. उनमे से कुछ अनमोल हीरों के नाम मैं लेना चाहूँगा - "श्री हरिशंकर परसाई जी, सुभद्रा कुमारी चौहान जी, द्वारका प्रसाद मिश्र जी, भवानी प्रसाद मिश्र जी ... " और न जाने कितने हीरों का शहर है ये...
अब शायद आप भी समझ गए होंगे कि मैं किस शहर की बात कर रहा हूँ ?
जी हाँ ! मैं जबलपुर शहर की बात ही कर रहा हूँ...
जिसका नाम लेते ही कभी पवित्र पावनी माँ नर्मदा के घाटों का रमणीय दृश्य जेहन में उतर आता है, तो कभी रानी दुर्गावती के बलिदान की गाथा आँखों के सामने घटित होने लगती है और तो कभी सुभद्रा कुमारी चौहान जी के स्वर "खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झाँसी वाली रानी थी" कानो में गूंजने लगते हैं, जो हर पल एक नया जोश भर देते हैं.
और आपको शायद न मालूम हो पर एक बात जो कुछ महीने पहले ही मुझे पता चली थी वो ये कि राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी जी कि अस्थियाँ, जबलपुर में नर्मदा नदी के तिलवारा घाट में विसर्जित की गयी थी और उसी के बाद तिलवारा घाट के समीप ही गाँधी भवन का निर्माण किया गया. (यह बात मुझे मध्यप्रदेश टूरिज्म के फेसबुक पेज से प्राप्त हुई).
आज मैं जान गया हूँ कि जबलपुर को उपेक्षा की दृष्टी से देखना खुद को उपेक्षित करना है. और जो इन्सान खुद की नज़रों से गिर जाए तो उसका कुछ भी नहीं हो सकता.
पिछले छः महीनो में मैंने जाना कि हिंदी ब्लॉग्गिंग जगत में जबलपुर भी अपनी साख बना रहा है, जिसमे से कुछ ब्लॉगर तो आज सारे ब्लॉग जगत में अच्छी तरह जाने जाते हैं. उनमे से एक हैं - श्री समीर लाल उर्फ़ उड़न तस्तरी जी... आज हर कोई उनको भली भांति जानता है.
अब मुद्दे की बात की जाए तो ज्यादा बेहतर होगा. मैंने पाया कि साहित्य से जुड़े लगभग हर शहर में हिंदी ब्लॉगर सम्मलेन का आयोजन किया जाता या जा रहा है. पर आज तक मैंने जबलपुर में ऐसे किसी सम्मलेन का आयोजन नहीं देखा जहाँ विशेषतः जबलपुर के हिंदी चिट्ठाकारों को आमंत्रित किया गया हो और हिंदी ब्लॉग्गिंग के बेहतर भविष्य के लिए कोई चिंतन किया गया हो... शायद मैं गलत हो सकता हूँ क्योंकि ब्लॉग्गिंग के क्षेत्र में मैं अभी भी नया ही हूँ.
अतएव मैं सारे जबलपुर वासियों से ये अनुरोध करना चाहता हूँ कि एक ऐसी ही कोई नयी पहल की जाये जिसमे केवल जबलपुर शहर या मध्यप्रदेश के हिंदी ब्लॉग्गिंग जगत के दिग्गज व नवोदित ब्लॉगर शामिल हों. क्योंकि जबलपुर का निवासी होने के नाते मैं चाहता हूँ कि ब्लॉग्गिंग जगत में बस एक दो ही हीरे जबलपुर से न हों बल्कि हम जबलपुरवासियों की वजह से सारे हिंदी ब्लॉग्गिंग जगत का आसमान चमक उठे..
अगर आज आप में से किसी भी जबलपुरवासी का विचार ऐसी किसी संगोष्ठी के आयोजन करने का हो तो कृपया मेरे निम्न विचार या सुझावों को अपने विचारों में शामिल जरुर करें -
- पहला ये कि ये संगोष्ठी या सम्मलेन समारोह केवल जबलपुर में ही आयोजित किया जाए.
- अगर आपका विचार जबलपुर की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का हो तो बेहतर ये होगा कि सारे ब्लॉग जगत को पता चले कि जबलपुर में ऐसा कोई आयोजन हो रहा है.
- सम्मान प्रदान करने वाला शख्स कोई ब्लॉगर, या साहित्यकार ही हो कोई नेता या राजनीति से सम्बंधित व्यक्ति न हो क्योंकि साहित्यकारों और ब्लागरों के मन को केवल ब्लॉगर ही जान सकते हैं कोई नेता नहीं.
- इस संगोष्ठी में उन साहित्यकारों को भी बुलाया जाए जो इन्टरनेट की पर्याप्त जानकारी न होने के कारण अपना ब्लॉग नहीं बना पते या उसे ज्यादा लोकप्रिय नहीं कर पाते.
- अगर संगोष्ठी का आयोजन छोटे लेवल में भी करना चाह रहे हों तो भी कम से कम हिंदी ब्लॉग्गिंग जगत को सूचित करें ताकि सारे जबलपुरिया हिंदी ब्लॉगर ये जान सकें कि जबलपुर में अब भी वो जोश बाकी है जो अब इन्टरनेट पर छाने को तैयार है.
और अगर मेरी बात से कोई भी ब्लॉगर या साहित्यकार सहमत न हो या कोई भी शंका हो या सुझाव हो तो कृपया मुझे बताएं...
क्योंकि आज मैं इतना सक्षम नहीं कि ऐसा कोई आयोजन अकेले ही करा सकूँ. पर वादा है मेरा कि आज नहीं तो कल ऐसा कोई आयोजन जबलपुर में जरूर होगा जब भी मैं (आर्थिक रूप से) सक्षम हो जाऊँगा.
और अंत में...
मत छुपा खुद को अंधियारे में माही
के सारा जहां तेरी चमक देखने को बेकरार बैठा है...
तुझे भी पता है कि चमक से तेरी चमक उठेगा आसमां का हर तारा
अब तू ही बता के ये बेवजह इंतज़ार कैसा है ?
- महेश बारमाटे "माही"
अंदाज ए मेरा: बौने कद का बडा कलाकार.... गुमनामी में
अंदाज ए मेरा: बौने कद का बडा कलाकार.... गुमनामी में: "नत्थू दादा राजकपूर के साथ बिताए लम्हे, राजकुमार की ठाठ के गवाह, धर्मेन्द्र की जिंदादिली के किस्से, दारा सिंह की ताकत को करीब से देख..."
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ताकि "हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड" इतिहास न बन जाये...
नमस्कार दोस्तों !
आज बड़े लम्बे समयांतराल के बाद मुझे फुरसत मिली. किसी व्यक्तिगत कार्य में व्यस्त होने के कारण आज तक मैंने अपनी ब्लॉग्गिंग को तरसती उँगलियों को न जाने किस तरह रोक के रखा था, ये या तो मैं जानता हूँ या आप (क्योंकि आप भी तो एक ब्लॉगर ही हैं, और ब्लॉगर ही ब्लॉगर का दर्द जान सकता है). वैसे आज मैंने अपनी व्यस्तता से थोड़ा सा समय चुरा ही लिया और आपके समक्ष हाज़िर हो गया. चलिए अब काम की बात की जाये.
पिछले महीने मैंने अपने एक लेख में सभी से आह्वान किया था ताकि सारे ब्लॉगरगण हमारी मदद करें - हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड हेतू और आप सभी के स्नेह से हमें बहुत से लोगों के कमेंट्स व ईमेल मिले जो कि "हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड" के लिए अपना योगदान देना चाहते थे. मैं उन सभी ब्लॉगरगण का तहे-दिल से आभारी हूँ कि उन्होंने मेरे एक आह्वान पे दौड़े चले आये और आशा करता हूँ कि इसी तरह मुझे आप सभी का स्नेह व सहयोग मिलता रहेगा.
आज करीब पच्चीस दिन हो गए होंगे मेरे उस लेख को और सभी ब्लॉगरगणों को विषय दे दिए गए थे ताकि वे हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के निर्माण में जल्द से जल्द सहयोग कर के इसके कार्य को अगले चरण तक पहुंचाएं. मुझे उम्मीद है कि लगभग सभी ने अपना कार्य बखूबी पूरा कर लिया होगा, पर जैसा कि मुझे ज्ञात है, अभी तक किसी ने भी अपने कार्य पूर्ण होने का प्रमाण नहीं दिया है.
अब आप लोग ये सोच रहे होंगे कि मैं खुद उन लोगो को नाम से संबोधित करके यह क्यों नहीं पूछ लेता कि हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के सन्दर्भ में उनका कार्य कहाँ तक पहुंचा है ?
तो इसका भी मेरे पास जवाब है कि अभी तक किसी भी ब्लॉगर ने अपने कार्य शुरू करने के बारे में हमें कोई भी जानकारी नहीं दी है और जिन्होंने दी है उनके बारे में मुझे स्पष्ट रूप से कोई जानकारी नहीं है. पर जैसा कि मैंने पहले कहा था कि जैसे ही मुझे सारे ब्लॉगर के नाम मालूम हो जायेंगे मैं उन नामों को सार्वजनिक कर दूंगा.
अब आप लोगों से फिर एक बार विनती है कि आप हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के सन्दर्भ में अपने योगदान की जानकारी हमें ईमेल, मोबाइल सन्देश या टिप्पणी के जरिये प्रदान करें. ताकि हिंदी ब्लॉग्गिंग की पहली सम्पूर्ण गाइड का इंतजार बस इंतजार बन के न रह जाये...
आपके जवाब के इंतजार में...
महेश बारमाटे "माही"
जानिये फादर्स डे पर अच्छे पिता बनने के टिप्स
फादर्स डे जून महीने के तीसरे संडे को मनाया जाता है। एक पुरूष बचपन से ही अपनी भावनाओं को महिलाओं की तुलना में कम प्रकट करता है। फादर्स डे वह मौका है, जबकि आप अपने पिता से अपनी भावनाएं खुल के बता सकते हैं या फिर अगर आप पिता हैं, तो आपको क्या करना चाहिए। हर बच्चे का रोल माडल उसके पिता ही होता हैं, चाहे बाक्सिंग चैंपियन बनने की बात हो या डाक्टर। बच्चे हर छोटी-बड़ी बातें अपने माता-पिता से ही सीखते हैं, शायद बड़ों को इस बात का अंदाज़ा भी नहीं होता, कि बच्चे आपसे कितना कुछ सीख रहे हैं।
फादर्स डे पर अच्छे पिता बनने के टिप्स जानें-
फादर्स डे पर अच्छे पिता बनने के टिप्स जानें-
आपका समय कितना अनमोल है- चाहे आप कितने भी व्यस्त हों, बच्चेस के लिए समय ज़रूर निकालें क्योंककि ऐसा करने से आप अपने बच्चे को और उसकी आवश्यककताओं को समझ सकेंगे। आप अपने बच्चे को जो कुछ सिखाएंगे वो उसे आजीवन याद रहेंगे। शायद आपको भी अपने पिता द्वारा सिखाई कुछ बातें आज भी याद होंगी।
रोल माडल हैं आप- आपको पता होना चाहिए, कि आप एक रोल माडल की भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में आपके द्वारा की गलतियों को बच्चे ना दोहरायें इस बात का खास ख्याल रखें। बच्चोंज को सम्मान दें, तभी वो आगे जाकर लोगों का सम्मान करना सीखें।
पैरेंटिंग की कला सीखें-
याद रखें आपके लिए भी हर नया दिन सीखने का है। हालांकि समय के साथ आप बहुत कुछ सीख सकते हैं, लेकिन पैरेंटिंग की कला सीखें। अपने बच्चेप को समझने का प्रयास करें, उसकी बातें सुनें।
तो यह टिप्सं अपनाकर आपभी बन सकते हैं पापा द ग्रेट
तो यह टिप्सं अपनाकर आपभी बन सकते हैं पापा द ग्रेट
राष्ट्रवादी युवक राहुल गाँधी को जन्म दिन पर बधाई
राष्ट्रवादी युवक राहुल गाँधी को जन्म दिन पर बधाई
राष्ट्रवादी युवक राहुल गाँधी को जन्म दिन पर बधाई ...दोस्तों देश के नवनिर्माण के सपने दिखने वाले राजीवगांधी के पुत्र राहुल गाँधी का आज जन्म दिन है जो किसी धूम धडाके के साथ नहीं बलके किसानों के साथ किसान दिवस के रूप में मनाने का प्रयास किया जा रहा है .......राहुल गांधी का अपने पिता के अधूरे कामों को पूरा कर देश की जनता को कई समस्याओं से निजात दिलाकर विश्व स्तर पर देश की मजबूत स्थिति पैदा करवाना है और इसी प्रयासों में राहुल गाँधी एक आंधी के रूप में अपने नव्योवन को देश और देश की जनता कोंग्रेस पर न्योछावर कर निकल पढ़े हैं ...........राहुल गांधी युवाओं में एक आवाज़ हैं ..एक आदर्श हैं ...वोह कभी आदिवासी सहर याओं के यहाँ जाकर अपनी रत मच्छरों के बीच गुज़रते हैं वहां उनके साथ तगारी उठाकार मजदूरी करते हैं तो उन्हीं के बीच जो वोह खाते है वाही खाना खाते है .उनके यह तेवर देख कर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद को भी रात आदिवासी इलाकों में गुज़ारना पद्धति है ..राहुल गाँधी कभी किसानों के साथ उनकी जमीन को मुआवजा दिलवाने के लियें धरने पर बैठते है तो कभी राह चलती रोती बिलखती लडकियों को देख कर कार में से उतर कर उन्हें इन्साफ दिलवाते हैं ..राहुल गाँधी देश के नोजवानों में राष्ट्रीयता की अलख जगाने के लियें आतंकवादी हमले के खतरे और शिवसेना की धमकी के बाद भी मुंबई की लोकल ट्रेन में सफर कर यह बताते हैं के मुंबई किसी के बाप की नहीं है ...जब जब राहुल गांधी को प्रधानमन्त्री या केन्द्रीय मंत्री के पद थाली में सजाकर देने का प्रयास किया जाता है वोह राष्ट्रहित में इन्हें ठुकरा कर मुस्कुराते हुए सादगी से कहते हैं में अभी इस लायक नहीं हूँ ..देश के करोड़ों करोड़ युवाओं की धडकन राहुल गाँधी ओछी राजनीती से दूर हैं कई लोग उन्हें बच्चा समझ कर जब गच्चा देना चाहते हैं तो वोह फिर ऐसे व्यक्ति को उसकी ओकात भी याद दिलाते हैं ..देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सुचना के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का लाभ लेकर देश भर के भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लियें राहुल गाँधी का युवाओं से आह्वान है लेकिन अफ़सोस इन सब के बावजूद भी कोई है जो राहुल और उनकी कोंग्रेस उनके स्वर्गीय पिता देश के लाडले स्वर्गीय राजीवगांधी के सपनों को चकनाचूर कर रहा है देश और कोंग्रेस को गर्क में धकेल रहा है ..देश में और कोंग्रेस शासित राज्यों में आज जो अराजकता और भ्रष्टाचार ,अनाचार की स्थिति है वोह राजिव गाँधी का सपना नहीं था वोह राहुल गांधी की आवाज़ नहीं है लेकिन राहुल मेनेजमेंट के बाद भी देश में कोंग्रेस का एक तबका खुलेआम देश को बर्बाद कर रहा है ..देश में भ्रष्टाचार फेला रहा है देश के युवाओं को देश की महिलाओं को अपमानित कर रहा है तो वोह सीधे तोर पर राहुल गाँधी को चोट पहुंचा रहा है राहुल गांधी जिसने देश और पार्टी के खातिर अपने अरमानों अपने सपनों को ताक में रख कर एक अविवाहित का जीवन अब तक व्यतीत किया है उन्हें भी एक दुल्हन की जरूरत है लेकिन वोह देश के सपने से ज्यादा देश के युवाओं और महिलाओं के सपने से ज्यादा अपने सपनों को तरजीह नहीं देते हैं ऐसे बहुमुखी प्रतिभा के धनि देश के बलवान युवराज जो विनम्रता से देश को एक खुशहाली का सपना दिखा रहे हैं और इस सपने को पूरा करने के प्रयासों में जुटे हैं ऐसे नोजवान को जिसने देश के लिए शहीद होते हुए अपनी दादी अपने पिता को देखा है उसे उसके जन्म दिन पर सलाम हार्दिक बधाई ..............अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
चुटकियो में पता लगाएं किसी भी वेबसाईट के मालिक का website owner
आज मैं आपको बहुत ही बेहतरीन साईट पर लेकर चलता हु ये ऐसी साईट है जिस पर जाकर आप किसी भी वेबसाईट के मालिक के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकते है ...
मैं आपको जिस साईट के बारे में बता रहा हु वो साईट आपके भी काम आ सकती है लेकिन आप इसका गलत इस्तेमाल बिलकुल भी मत करना यहाँ क्लीक करके उस साईट पर जाइए और किसी भी वेबसाईट का यूआरएल इसमें लिखे और उस साईट के मालिक जेसे yahoo google orkut facebook के बारे में पूरी जानकारी हासिल करे कि यह साईट किस के नाम से है यहाँ तक की आप उनका मोबाइल नम्बर भी पता कर सकते हो
हमारे बीच ऐसे ब्लोगर साथी भी है जिन्होंने अपने ब्लॉग को वेबसाईट में बदल लिया है आप उनके बारे में भी पूरी जानकारी हासिल कर सकते हो लेकिन उनका मोबाइल नम्बर मिलने के बाद उन्हें फोन करके परेशान मत करना वेसे में आपको नीचे कुछ फिल्म स्टार की साईट दे रहा हु जिनके यूआरएल आप उस साईट में पेस्ट करके उस साईट में मालिक के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकते है
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साभार : कंप्यूटर दुनिया http://mayankaircel.blogspot.com/2011/06/blog-post_17.html
कातिल ने भी क्या मजाक .......
कातिल ने भी क्या मजाक .......
ज़िन्दगी तो
बेवफा होकर
मुझ से
करती रही मजाक
लेकिन दोस्तों
मारने के
बाद कातिल ने भी क्या
मुझ से अजीब मजाक
कसाई की तरह
बेरहमी से
गर्दन छुरी से
धड से अलग करने के बाद
तडपते दम निकलते
कातिल ने
मेरे बदन से
बढ़ी मासूमियत से कहा
अरे
यह क्या तुम तो
मर रहे हो
तुम्हारी तो
अभी
तुम्हारे परिवार और समाज को
जरूरत थी .......................
.......................अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अच्छी शिक्षा-दीक्षा और शिष्टाचार - Dr. Anwer Jamal
![]() |
| देवबंद का मशहूर मदरसा दारूल उलूम, Darul Uloom |
पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) ने इन्सान, ख़ानदान, समाज और व्यवस्था को अच्छा और उत्तम बनाने के लिए जीवन भर घोर यत्न भी किए और इस काम में बाधा डालने वाले कारकों व तत्वों से संघर्ष भी। इस यत्न में उन शिक्षाओं का बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका और स्थान है जो आपने अपने समय के इन्सानों को, अपने साथियों व अनुयायियों को तथा उनके माध्यम से भविष्य के इन्सानों को दीं। ये शिक्षाएं जीवन के हर पहलू, हर क्षेत्र, अर अंग से संबंधित हैं। ये हज़ारों की संख्या में हैं जिन्हें बहुत ही तवज्जोह, निपुणता, और सत्यनिष्ठा के साथ एकत्रित, संकलित व संग्रहित करके ‘हदीसशास्त्र’ के रूप में मानवजाति के उपलब्ध करा दिया गया है। इनमें से कुछ शिक्षाएं (सार/भावार्थ) यहां प्रस्तुत की जा रही हैं:
● जो व्यक्ति अपने छोटे-छोटे बच्चों के भरण-पोषण के लिए जायज़ कमाई के लिए दौड़-धूप करता है वह ‘अल्लाह की राह में’ दौड़-धूप करने वाला माना जाएगा।
● घूस लेने और देने वाले पर लानत है...कोई क़ौम ऐसी नहीं जिसमें घूस का प्रचलन हो और उसे भय व आशंकाए घेर न लें।
● सबसे बुरा भोज (बुरी दअ़वत) वह है जिसमें धनवानों को बुलाया जाए और निर्धनों को छोड़ दिया जाए।
● सबसे बुरा व्यक्ति वह है जो अपनी पत्नी के साथ किए गए गुप्त व्यवहारों (यौन क्रियाओं) को लोगों से कहता, राज़ में रखी जाने वाली बातों को खोलता है।
● यदि तुमने मां-बाप की सेवा की, उन्हें ख़ुश रखा, उनका आज्ञापालन किया तो स्वर्ग (जन्नत) में जाओगे। उन्हें दुख पहुंचाया, उनका दिल दुखाया, उन्हें छोड़ दिया तो नरक (जहन्नम) के पात्र बनोगे।
● ईश्वर की नाफ़रमानी (अवज्ञा) की बातों में किसी भी व्यक्ति (चाहे माता-पिता ही हों) का आज्ञापालन निषेध, हराम, वर्जित है।
● बाप जन्नत का दरवाज़ा है और मां के पैरों तले जन्नत है (अर्थात् मां की सेवा जन्नत-प्राप्ति का साधन बनेगी)।
● तुम लोग अपनी सन्तान के साथ दया व प्रेम और सद्व्यवहार से पेश आओ और उन्हें अच्छी (नैतिक) शिक्षा-दीक्षा दो।
● सन्तान के लिए माता-पिता का श्रेष्ठतम उपहार (तोहफ़ा, Gift) है उन्हें अच्छी शिक्षा-दीक्षा देना, उच्च शिष्टाचार सिखाना।
● तुममें सबसे अच्छा इन्सान वह है जो अपनी औरतों के साथ अच्छे से अच्छा व्यवहार करे।
● पत्नी के साथ दया व करुणा से पेश आओ तो अच्छा जीवन बीतेगा।
● अल्लाह की अवज्ञा (Disobedience) से बचो। रोज़ी कमाने का ग़लत तरीक़ा, ग़लत साधन, ग़लत रास्ता न अपनाओ, क्योंकि कोई व्यक्ति उस वक्त तक मर नहीं सकता जब तक (उसके भाग्य में लिखी) पूरी रोज़ी उसको मिल न जाए। हां, उसके मिलने में कुछ देरी या कठिनाई हो सकती है। (तब धैर्य रखो, बुरे तरीके़ मत अपनाओ) अल्लाह से डरते हुए, उसकी नाफ़रमानी से बचते हुए सही, जायज़, हलाल तरीके़ इख़्तियार करना और हराम रोज़ी के क़रीब भी मत जाना।
● वस्त्रहीन (नंगे) होकर मत नहाओ। अल्लाह हया वाला है और अल्लाह के (अदृश्य) फ़रिश्ते भी (जो हर समय तुम्हारे आसपास रहते हैं) हया करते हैं।
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