लिंक देना ब्लॉगिंग का एक आम व्यवहार है। ईमेल के ज़रिये लिंक भेजना आसान है लेकिन अपनी टिप्पणी में लिंक देना थोड़ी सी मेहनत मांगता है और थोड़ी सी अतिरिक्त जानकारी भी।
लोग आसानी पसंद करते हैं। वे ऐसे लिंक को प्रायः नज़र अंदाज़ कर देते हैं जिसे कॉपी करके एड्रेस बार में पेस्ट करना पड़े। इसलिए नए ब्लॉगर्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर वे किसी पोस्ट का लिंक अपनी टिप्पणी में दे रहे हैं तो उसे इस तरह बनाना चाहिए कि वह मात्र क्लिक करने से ही खुल जाए।
इसके लिए एक कोड की ज़रूरत पड़ती है। इस कोड में एक जगह पोस्ट या ब्लॉग का या वेबसाइट का यूआरएल और दूसरी जगह शीर्षक देना होता है।
लोग आसानी पसंद करते हैं। वे ऐसे लिंक को प्रायः नज़र अंदाज़ कर देते हैं जिसे कॉपी करके एड्रेस बार में पेस्ट करना पड़े। इसलिए नए ब्लॉगर्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर वे किसी पोस्ट का लिंक अपनी टिप्पणी में दे रहे हैं तो उसे इस तरह बनाना चाहिए कि वह मात्र क्लिक करने से ही खुल जाए।
इसके लिए एक कोड की ज़रूरत पड़ती है। इस कोड में एक जगह पोस्ट या ब्लॉग का या वेबसाइट का यूआरएल और दूसरी जगह शीर्षक देना होता है।
<a href="यूआरएल">शीर्षक</a>
उपरोक्त कोड में जहां यूआरएल लिखा है वहां आप वह यूआरएल कॉपी करके डाल दीजिए जिसका लिंक आप बनाना चाहते हैं और जहां शीर्षक लिखा है वहां आप वे शब्द लिख दीजिए जिनके अंदर आप लिंक दिखाना चाहते हैं।
आप चाहें तो शीर्षक के शुरू और बाद में एक कोड और लगा कर इन्हें बोल्ड यानि कि मोटा भी दिखा सकते हैं।
आप चाहें तो शीर्षक के शुरू और बाद में एक कोड और लगा कर इन्हें बोल्ड यानि कि मोटा भी दिखा सकते हैं।
<a href="यूआरएल"><b>शीर्षक</b></a>
मिसाल के तौर पर हमें इसी ब्लॉग का लिंक बनाना है तो हम इस तरह बनाएंगे।
<a href="http://hbfint.blogspot.com"><b>हिन्दी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेश्नल</b></a>
अब अपनी टिप्पणी में दूसरी बातों के साथ हम यह पूरा कोड भी शामिल करेंगे और जिस पोस्ट पर भी टिप्पणी करेंगे तो टिप्पणी पब्लिश करने के बाद कोड के शब्द तो नज़र से छिप जाएंगे और एक कोड बन जाएगा।
कोड सही बना है या नहीं , इसके लिए अपनी टिप्पणी का प्रीव्यू लेकर देख लेना चाहिए।
नए ब्लॉगर के लिए यह चीज़ किसी चमत्कार से कम नहीं होती।
इस लिंक का इस्तेमाल करके एक नया ब्लॉगर अपनी टिप्पणी में बहुत से ब्लॉग पर अपनी पोस्ट्स का लिंक छोड़ सकता है और बहुत से पाठकों के लिए अपने ब्लॉग तक पहुंचने का रास्ता आसान कर सकता है।
यह तरीक़ा आज बहुत से बड़े ब्लॉगर भी अपनाते हैं।
एक समय था कि जब हमारे उस्ताद जनाब उमर कैरानवी साहब ने अपनी टिप्पणियों में इसी तरीक़े का इस्तेमाल इतने सलीक़े से किया कि हिंदी ब्लॉग जगत में उनकी धाक जम गई थी। ब्लॉगर्स उनकी टिप्पणी का नाम सुनकर ही थर्रा जाया करते थे।
वाक़ई वह ब्लॉगिंग के एक सच्चे गुरू हैं।
