मोहपाश को छोड़ सही रास्ता दिखाएँ .

Posted on
  • Friday, July 27, 2012
  • by
  • Shalini Kaushik
  • in
  • Labels:

  • मोहपाश को छोड़ सही रास्ता दिखाएँ .
     Old manThe art of loving
    जुबैर अहमद अपने ब्लॉग ''बी.बी.सी ''में लिखते हैं कि राजेश  खन्ना जी को शायद तनहाइयाँ  मर गयी .तन्हाई शायद यही तन्हाई उनकी जिंदगी में अनीता आडवानी के साथ लिव -इन- रिलेशन के रूप में गुज़र रही थी न केवल फिल्मो में बल्कि आज सभी जगह देश हो या  विदेश शहर हो या गाँव अपनों के साथ छोड़ने पर बड़ी उम्र के लोग तनहाइयों में जीवन गुज़ारने को विवश हैं और उनमे से कितने ही ये रास्ता अपनाने लगे हैं जिसकी शायद उन्होंने उम्र  के आरंभिक दौर में आलोचना की होगी.

    Funny at old hats

    अभी हाल ही में शामली [उत्तर प्रदेश ]में ओम प्रकाश -गसिया प्रकरण चर्चा में रहा .बेटों ने बाप की वृद्धावस्था में देखभाल नहीं की और एक अन्य महिला ने जब सेवा -सुश्रुषा की तो उसे अपनी पेंशन जो स्वतंत्रता सेनानी के रूप में उन्हें मिलती है ,दिलाने के लिए उन्होंने कोर्ट-मैरिज की सोची ये समाचार फैलते ही बेटों के आराम में खलल पड़ा और उन्होंने इसे रोकने को एडी चोटी का जोर लगा दिया .हाल ये है कि प्रतिष्ठा व् जायदाद बच्चों के लिए बूढ़े माँ-बाप से ऊपर स्थान रखते हैं और जब प्रतिष्ठा पर आंच आती है या जायदाद छिनने की नौबत आती है तब उन्हें बूढ़े माँ-बाप की याद आती है और तब ये कथित युवा पीढ़ी उन्हें ''सठिया गए हैं ''जैसे तमगों से नवाजने लगती है .
    बच्चों का माँ-बाप के प्रति ये रवैय्या बड़ों को ऐसी परिस्थिति में डाल देता है कि वे गहरे अवसाद के शिकार हो जाते हैं .अपने बच्चों के प्रति मोह को वे छोड़ नहीं पाते  और उनके तकलीफ  देह  व्यवहार को ये सोच कर ''कि जिंदगी दो चार दिन की है ''सहते रहते हैं .


    Old WomanAn Older Worker

    फिल्मे समाज का आईना हैं .चाहे अवतार हो या बागवान दोनों में बच्चों के व्यवहार ने माँ बाप को त्रस्त किया है   किन्तु उनमे जो आदर्श दिखाया गया है वही हमारे समाज के बुजुर्गों को अपनाना होगा उनमे बच्चों के व्यवहार से माँ बाप को टूटते नहीं दिखाया बल्कि उन्हें सबक सिखाते हुए दिखाया गया है .उनमे दिखाया गया है कि ऐसे में माँ बाप को बच्चो के प्रति क्या व्यवहार अपनाना चाहिए.   
    जो माँ बाप अपने बच्चों को पाल पोस कर बड़ा करते हैं उन्हें जिंदगी जीने लायक बनाते हैं उन्हें अपने को अपने बच्चों के सामने लाचार बनने की कोई ज़रुरत नहीं है .अवतार व् बागवान में तो फ़िल्मी माँ बाप है जो कोई कार्य करते हैं और उन्हें सफलता मिल जाती है असलियत में ऐसा बिरलों के साथ ही होता है इसलिए ऐसे में बच्चों को सबक सिखाने के लिए कानून भी माता पिता का साथ देता है 

    दंड प्रक्रिया सहिंता की धारा १२५ में पत्नी ,संतान  और माता पिता के लिए भरण-पोषण के लिए आदेश दिया गया है . धारा १२५[१] कहती है कि यदि पर्याप्त साधनों वाला कोई व्यक्ति -
      ''[घ]अपने पिता या माता का ,जो अपना भरण पोषण करने में असमर्थ हैं,भरण पोषण करने की उपेक्षा करता है ,या भरण पोषण करने से इंकार करता है तो प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट ऐसी उपेक्षा या इंकार साबित हो जाने पर ऐसे व्यक्ति को ये निर्देश दे सकेगा कि वह अपने पिता या माता के भरण पोषण के लिए ऐसी मासिक दर पर ,जिसे मजिस्ट्रेट ठीक  समझे ,भरण पोषण मासिक भत्ता दे .''            
    बालन नायर बनाम भवानी अम्मा वेलाम्मा और अन्य ए .आई .आर १९८७ केरल ११० में केरल उच्च न्यायालय ने कहा है कि धारा १२५ विपत्ति में पड़े पिता के लिए भी भरण पोषण की व्यवस्था करता है और यह संविधान के अनुच्छेद १५[३] एवं 39 के अनुकूल है .
      डॉ.श्रीमती विजय मनोहर अरबत बनाम कांशी राम राजाराम सवाई और अन्य ए.आई.आर. १९८७ एस.सी.११०० में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अपने माता पिता का भरण पोषण करने का दायित्व न केवल पुत्रों का है अपितु अविवाहित पुत्रियों का भी है .
     इस प्रकार कानून ने भी वृद्ध माता पिता की सहायता के लिए व्यवस्था की है किन्तु इस सहायता से लाभ उठाना और उपेक्षित व्यवहार कर घर परिवार समाज में अव्यवस्था फ़ैलाने वाले बच्चों को सीधे रास्ते पर लाने का कार्य तो उन वृद्ध माता पिता को स्वयं ही करना होगा .संतान मोहपाश में बंधे इन लोगों को अपने  बच्चों को सही रास्ते पर लाने का दायित्व स्वयं ही  निभाना होगा ताकि आगे आने वाले बच्चों के लिए ये एक ऐसा सबक बने जिसे नज़रंदाज़ कर अपने कर्तव्य को भूलने की गलती कोई भूल से भी न करे .
                                           शालिनी कौशिक 
                                                [कानूनी ज्ञान ]

    7 comments:

    DR. ANWER JAMAL said...

    Nice post.
    बच्चों का माँ-बाप के प्रति ये रवैय्या बड़ों को ऐसी परिस्थिति में डाल देता है कि वे गहरे अवसाद के शिकार हो जाते हैं .

    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

    बहुत बढ़िया प्रस्तुति!
    आपकी प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (28-07-2012) के चर्चा मंच पर लगाई गई है!
    चर्चा मंच सजा दिया, देख लीजिए आप।
    टिप्पणियों से किसी को, देना मत सन्ताप।।
    मित्रभाव से सभी को, देना सही सुझाव।
    शिष्ट आचरण से सदा, अंकित करना भाव।।

    dheerendra said...

    सही कनूनी सलाह देती सार्थक पोस्ट,,,,,

    RECENT POST,,,इन्तजार,,,

    शिखा कौशिक said...

    सामयिक पोस्ट .आभार

    Anita said...

    Thanks for sharing such an informative and nice post!
    बहुत ही दुखभरी स्थिति है ये! माँ-बाप एक ऐसा पेड़ हैं बच्चों के लिए....जिसकी छाया उन्हें हमेशा कड़ी धूप, आँधी-पानी से बचाती है..! इस पेड़ की भरपूर सेवा करनी चाहिए... न कि उन्हें नकारना !

    संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

    संतान मोहपाश में बंधे इन लोगों को अपने बच्चों को सही रास्ते पर लाने का दायित्व स्वयं ही निभाना होगा ताकि आगे आने वाले बच्चों के लिए ये एक ऐसा सबक बने जिसे नज़रंदाज़ कर अपने कर्तव्य को भूलने की गलती कोई भूल से भी न करे .

    सटीक बात कही है .... मोहपाश में बंध कर ही माँ बाप अपनी दुर्दशा करवाते हैं ।

    Rajesh Kumari said...

    आजकल जो माँ बाप औलाद को सबक सिखाने के लिए कर रहे हैं ठीक ही कर रहे हैं बहुत अच्छी पोस्ट है बहुत अच्छे विषय पर बात की है आपने

    Read Qur'an in Hindi

    Read Qur'an in Hindi
    Translation

    Followers

    Wievers

    Gadget

    This content is not yet available over encrypted connections.

    गर्मियों की छुट्टियां

    अनवर भाई आपकी गर्मियों की छुट्टियों की दास्तान पढ़ कर हमें आपकी किस्मत से रश्क हो रहा है...ऐसे बचपन का सपना तो हर बच्चा देखता है लेकिन उसके सच होने का नसीब आप जैसे किसी किसी को ही होता है...बहुत दिलचस्प वाकये बयां किये हैं आपने...मजा आ गया. - नीरज गोस्वामी

    Check Page Rank of your blog

    This page rank checking tool is powered by Page Rank Checker service

    Hindu Rituals and Practices

    Technical Help

    • - कहीं भी अपनी भाषा में टंकण (Typing) करें - Google Input Toolsप्रयोगकर्ता को मात्र अंग्रेजी वर्णों में लिखना है जिसप्रकार से वह शब्द बोला जाता है और गूगल इन...
      5 years ago

    हिन्दी लिखने के लिए

    Transliteration by Microsoft

    Host

    Host
    Prerna Argal, Host : Bloggers' Meet Weekly, प्रत्येक सोमवार
    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

    Popular Posts Weekly

    Popular Posts

    हिंदी ब्लॉगिंग गाइड Hindi Blogging Guide

    हिंदी ब्लॉगिंग गाइड Hindi Blogging Guide
    नए ब्लॉगर मैदान में आएंगे तो हिंदी ब्लॉगिंग को एक नई ऊर्जा मिलेगी।
    Powered by Blogger.
     
    Copyright (c) 2010 प्यारी माँ. All rights reserved.