पिछले कुछ वर्ष मे भारतीय समाज में आए खुलेपन, मीडिया और फिल्मों के प्रभाव के कारण युवाओं विशेषकर किशोरों मे सेक्स की प्रवृत्ति बढ़ी है.......बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 15 से 24 साल की उम्र में प्यार करने वाले लड़के-लड़कियों में से 42 फीसदी लड़कों और 26 फीसदी लड़कियों ने अपने साथी के साथ सेक्स किया होता है........आज इंटरनेट और टीवी चैनलों के कारण युवाओं को सेक्स के बारे में जानकारियां पहले की अपेक्षा ज्यादा आसानी से मिल रही हैं. यही वजह है कि 18 की उम्र के पहले ही युवाओं में सेक्स का चलन बढ़ा है........सरकार का मानना है की सहमति से सेक्स की उम्र कम करने का मकसद यौन अपराधों पर लगाम लगाना है........पर प्रशन ये है की सहमति से सेक्स की उम्र कम करने का मकसद यौन अपराधों पर लगाम लगाना है तो शादी/विवाह की उम्र को ही क्यों ना कम किया गया......विवाह पूर्व सेक्स की मान्यता देना कहाँ की बुद्धिमता है......जब विवाह पूर्व सेक्स जायज कर दिए आप ने तो ये भी बता दीजिए के इस जायज सेक्स के बाद जन्मे नाजायज का क्या होगा......??
छठी पत्नी ने खोली पोल
शहडोल : शहडोल जिले में कैशवाही चौकी अंतर्गत पतेरा टोला निवासी छब्बीस वर्षीय एक युवक द्वारा सात शादियां रचाने के बाद गुरुवार को एक नाबालिग के साथ आठवीं शादी करने का मामला सामने आया है.
महिला आयोग की सदस्य वंदना मण्डावी के समक्ष उमेन्द्र की इस करतूत का खुलासा उसकी छठी पत्नी देवकी बाई महरा ने किया.
कैशवाही चौकी के ग्राम कुम्हारी निवासी देवकी महरा ( 24 ) ने महिला आयोग की सदस्य मण्डावी के समक्ष आवेदन देते हुए बताया कि सात सितंबर 2009 को उसका विवाह शपथ-पत्र के माध्यम से जैतपुर थाना के ग्राम पतेरा टोला निवासी उमेंद्र प्रसाद महरा के साथ हुआ था. कुछ समय तक तो सब ठीक-ठाक चला, फिर एक वर्ष पहले पति ने उसे छोड दिया. कई बार वह पति के पास गई, लेकिन वह अपने साथ रखने को तैयार नहीं हुआ.
आवेदन के अनुसार इस बीच देवकी को पता चला कि उसका पति इससे पहले भी पांच बार विवाह रचा चुका है और वह उसकी छठे नंबर की पत्नी है. पांचों पत्नियों के साथ भी कुछ माह गुजारने के बाद वह सभी को छोडता गया.
देवकी ने महिला आयोग को दी गई शिकायत में बताया कि उमेंद्र ने सात फरवरी को आठवां विवाह कंठी टोला निवासी 16 वर्षीय एक नाबालिग लडकी से रचाया. हालांकि इस बात की जानकारी कैशवाही चौकी एवं जैतपुर थाने में दी गई थी. पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन सिर्फ शादी नहीं करने की सलाह देकर लौट आई. इसका नतीजा यह निकला कि आठवां विवाह संपन्न हो गया.
शिकायतकर्ता के अनुसार आठ शादियां रचाने वाले उमेंद्र का उद्देश्य अय्याशी था. उसने बताया कि उमेंद्र को जब पता चलता कि उसकी पत्नी गर्भवती हो गयी है तो वह उस पर गर्भपात के लिए दबाव डालता. पत्नी के गर्भपात के लिए तैयार नहीं होने पर वह उसे छोड, दूसरा विवाह कर लेता था.
महिला आयोग की सदस्य वंदना मंडावी ने बताया कि देवकी के आवेदन पर आयोग ने संज्ञान लिया है.
source : http://www.prabhatkhabar.com/node/262806
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